तूफानी आंधी ने चौपट की फसलें : देररात को एकाएक आई आंधी ने मचाई तबाही, किसानों के मुंह आया निवाला छीन लिया

लॉयन न्यूज, बीकानेर। जिले में रविवार की रात करीब एक-डेढ बजे के आसपास आए तेज तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। जिले में पिछले लंबे समय से ऐसी आंधी लोगों ने नहीं देखी। देर शाम तक मौसम सामान्य था, लेकिन रात करीब एक-डेढ बजे एकाएक शुरू हुई आंधी ने ऐसी तबाही मचाई कि सब कुछ चौपट हो गया। आंधी इतनी तेज थी कि लोगों ने घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटाई। करीब एक घंटे तक तूफानी आंधी चली। प्रदेश सहित पूरे जिले में पाकिस्तान की तरफ से आए तूफान ने सबको हिलाकर रख दिया। देखते ही देखते आसमान में धूल के गुब्बार के साथ 58 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने लगी। घरों के दरवाजे व खिड़कियां हिलने लगी, छपरे व टीन शेड तिनके की तरह बिखर गए। छतों की दीवारों पर रखे भारी पत्थर भी तेज आंधी में उड़कर सड़कों पर बिखर गए।

किसान वर्ग को बड़ा नुकसान
नहरी क्षेत्र के किसानों की समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। नहरी क्षेत्र में पहले पानी की कमी से फसलें जल चुकी थी। अब आंधी के कहर ने समूची फसलों को चौपट कर किसानों के मुंह आया निवाला छीन लिया। नहरी क्षेत्र में बीती रात आई तूफानी आंधी ने नहरी क्षेत्र में खड़ी व काटकर रखी गई फसलों पर जमकर कहर बरपाया। काटकर रखी गई फसल दूर दूर तक मुरब्बों में बिखर गई। तूफानी आंधी ने चन्द पलों में किसानों के पूरे साल की मेहनत पर पानी फेर दिया। फसलें खराब होने से किसानों में निराशा का माहौल है।

मुआवजे की मांग
किसानों ने बताया कि पूर्व में पानी की कमी से फसलें प्रभावित हुई थी फिर गर्मी की मार पड़ी और अब तूफानी आंधी की वजह से रही सही फसलें भी नष्ट हो गई। नहरी क्षेत्र में ईसबगोल, चना, सरसों, जीरा आदि फसलें मुरब्बों में काट कर एकत्र की हुई थी। तूफानी आंधी की वजह से फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई है। किसानों ने फसलों में हुए खराबे का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

क्यों आया अंधड़?
मौसम विभाग के अनुसार प्री-मानसून सीजन में हवा में कम नमी है। जमीन शुष्क होने से मेघगर्जन वाले ये बादल अंधड़ का रूप ले लेते हैं। इस बार औसत से 2 डिग्री तक ज्यादा पारा है। प. विक्षोभ भी सक्रिय है। इसलिए मई जैसे अंधड़ आ रहे हैं।

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