जिद और जुनून की कहानी:बचपन में दोनों हाथ कटे, रोजाना 8 घंटे पैरों से लिखने का करता था अभ्यास, सभी परीक्षाएं उत्तीर्ण कर अब 22 की उम्र में बैंक में चयन

सूरतगढ़ के 7डीबीएन गांव निवासी लीलाधर ने 2009 में एक हादसे में गंवाए थे अपने दोनों हाथ

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