वार्ड के बाहर गार्ड को पहचान पत्र-मैसेज दिखाया, प्रतीक्षालय में बिठाया और टीकाकरण कक्ष में वेरिफिकेशन के बाद लगा टीका

जिला अस्पताल में काेविड-19 वैक्सीनेशन का ड्राई रन शुक्रवार सुबह 10 बजे पीएमओ डाॅ. बीएल मसूरिया व नाेडल अधिकारी डाॅ. महेंद्र चाैधरी की माैजूदगी में हुआ। वहीं पीएचसी विष्णु कॉलोनी बाड़मेर एवं सीएचसी कल्याणपुर में 25-25 लाभार्थियों को टीका लगाने का ड्राई रन किया गया।

जिला अस्पताल में ड्राई रन के लिए 25 नर्सिंग स्टूडेंट्स सुबह 9:45 बजे ही आईसीयू के सामने स्थित स्किन वार्ड के बाहर पहुुंचे। वार्ड के बाहर तैनात गार्ड काे अपना पहचान पत्र व माेबाइल में आए मैसेज काे दिखाया और उन्हें क्रम से प्रवेश दिया गया। वार्ड में बने प्रतीक्षालय में साेशल डिस्टेंसिंग में रखी कुर्सियों पर उन्हें बैठाया गया।

मोबिलाइजेशन ऑफिसर पुष्पेंद्र ने कोविन साॅफ्टवेयर पर पंजीयन देखने के बाद रेंडमली बुलाकर टीकाकरण कक्ष में प्रवेश करवाया। जहां वेरिफायर नर्सिंग ट्यूटर कुशलाराम ने टीकाकरण की प्रक्रिया में कोविन सॉफ्टवेयर में नर्सिंग स्टूडेंट्स का माेबाइल से वेरिफिकेशन किया व उनका पहचान पत्र, जन्म तिथि, पता पूछकर और वेरिफाई कर वैक्सीनेटर नर्सिंग ट्यूटर रूपकंवर व एएनएम ममतासिंह काे वैक्सीन लगाने के लिए कहा गया। वैक्सीन लगाने के बाद उन्हें निगरानी कक्ष में जहां ऑब्जर्वर लिखमाराम व एडवर्ज इवेंट फॉलोविंग इम्यूनाइजेशन इंचार्ज एईएफआई नाेडल अधिकारी डाॅ. महेंद्र चाैधरी ने आधे घंटे तक बैठाकर प्रतिकूल प्रभावाें की जांच कर घर भेजा।

अस्पताल में सुबह 10 बजे से 1 बजे तक कुल 25 नर्सिंग स्टूडेंट्स का ड्राई रन के दाैरान वैक्सीनेशन किया गया। अस्पताल में लगभग साढ़े दस बजे कलेक्टर विश्राम मीणा, सीएमएचओ डाॅ. बाबूलाल विश्नाेई, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रीत मोहिंदरसिंह, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ. पंकज सुथार ने इस प्रक्रिया का निरीक्षण किया। पीएचसी विष्णु कॉलोनी में ड्राई रन के दौरान गंभीर अवस्था में नर्सिंगकर्मी को एबुंलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

कैसे हाेगी वैक्सीनेशन प्रक्रिया
वैक्सीनेशन के प्रथम चरण में फ्रंट लाइन वर्कर्स का टीकाकरण किया जाएगा। इन सभी काेराेना वारियर्स के डाटा सीएमएचओ कार्यालय में जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी की ओर से भिजवाए गए है। डाटा काे काेविन साफ्टवेयर पर अपलाेड किया जाएगा। इसमें उनके काम करने के स्थान, पहचान पत्र जिसमें वाेटर कार्ड, पेन कार्ड, पासपाेर्ट, बैंक डायरी, पेंशन डायरी, कार्यालय का आईकार्ड आदि दिए गए है। वैक्सीन आने के बाद रेंडमली वर्कर्स का वैक्सीनेशन हाेगा।

वैक्सीनेशन के बाद कॉम्पलीकेशन हाेने पर तैयार हाेगी एईएफआई

वैक्सीन के बाद निगरान कक्ष में आधे घंटे व्यक्ति जिसकाे टीका लगाया गया है की निगरानी की जाएगी। इस दाैरान घबराहट हाेने,चक्कर आने, स्किन पर लाल निशान हाेने या एनाफाइलेक्सीस रिएक्शन हाेने की स्थिति में एडवर्ज इवेंट फॉलोविंग इम्यूनाइजेशन इंचार्ज उसकी जांच करेगा तथा उसमें पहले से दवाइयां की व्यवस्था हाेगी। वैक्सीनेशन सेंटर के बाहर जाने के बाद 24 घंटे के दाैरान व्यक्ति में कॉम्पलीकेशन हाेते है ताे आरसीएचओ काे इसके बारे में बताया हाेगा।

एक सेंटर पर 100 फ्रंट लाइन वर्कर्स का हाेगा वैक्सीनेशन

एक सेंटर पर 100 लाेगाें के टीकाकरण की व्यवस्था की जाएगी। अगर 100 से अधिक हाेनी की स्थिति में वैक्सीनेटर की संख्या सेंटर पर दुगनी की जाएगी। एक व्यक्ति के टीकाकरण में 5 मिनट का समय लगेगा और आधे घंटे निगरानी कक्ष में बैठना हाेगा। वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में 35 मिनट का समय लगेगा। शहर में संख्या अधिक होने पर सेंटरों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।



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Outside the ward, the guard was shown an identity card message, placed in the waiting room and vaccinated in the vaccination room after verification.


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