अनोखू गांव के राजकीय सीनियर सैकंडरी विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य का अनोखू से तबादला होने से नाराज छात्रों और उनके परिजनों ने शुक्रवार को विद्यालय के ताला जड़ दिया और विरोध-प्रदर्शन किया। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम खारिया, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश पुरोहित व धोद पुलिस मौके पर पहुंचकर छात्रों से समझाइश की। शाम को डीईओ के आश्वासन पर छात्रों ने धरना 15 दिन के लिए उठा लिया।
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग द्वारा किए तबादलों में स्कूल के पूर्व प्रधानाचार्य आलोक शर्मा का तबादला कर परबतसर ब्लॉक में लगाया है और उनके स्थान पर सुरेश पारीक को प्रधानाचार्य पद पर लगाया है। पूर्व प्रधानाचार्य के तबादले को निरस्त करने की मांग को लेकर छात्र और परिजन कड़कड़ाती सर्दी में स्कूल के गेट पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए।
पूर्व प्रधानाचार्य को वापस लगाने की मांग करते रहे। इस दौरान छात्र और उनके परिजनों का कहना है कि जब तक पूर्व प्रधानाचार्य का तबादला निरस्त नहीं किया जाएगा, तब तक स्कूल में शिक्षण कार्य का बहिष्कार किया जाएगा।छात्रों के अनुसार स्कूल के पुराने प्रधानाचार्य के कार्यकाल में विद्यालय का बोर्ड परिणाम शतप्रतिशत रहा। अनेक विकास कार्य करवाए और समय-समय पर विद्यालय आते हैं।
विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य आलोक शर्मा को वापस स्कूल में लगाया जाए। अभिभावकों ने स्कूल गेट के बाहर टेंट लगाकर मांग पूरी नहीं होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। सूचना पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम खारिया, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश पुरोहित व धोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से समझाइश की। डीईओ ने 15 दिन का समय मांगा। उन्होंने कहा कि यदि मांग पूरी नहीं होगी तो फिर धरना कर लेना। इस पर छात्र व उनके अभिभावक मान गाए और धरना उठा लिया।
डाबला रेलवे स्टेशन पर चेतक के ठहराव की मांग को लेकर रेल महाप्रबंधक को भेजा ज्ञापन
रेलवे स्टेशन डाबला पर चेतक एक्सप्रेस सवारी गाड़ी का ठहराव नहीं होने से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को रेलवे महाप्रबंधक के नाम स्टेशन मास्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान तीन दर्जन गांव-ढाणियों के ग्रामीण मौजूद थे। ज्ञापन में बताया कि डाबला रेलवे स्टेशन पर चेतक एक्सप्रेस सवारी गाड़ी का ठहराव दिल्ली से उदयपुर जाते समय तो किया गया है मगर उदयपुर से दिल्ली आते समय नहीं किया गया। इससे इलाके के सैकड़ों लोगों को परेशानी होगी।
ऐसे में लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए नीमकाथाना या नारनौल जाना पड़ेगा। ज्ञापन देने वालों में पाटन प्रधान सुवालाल सैनी, पूर्व प्रधान कांता प्रसाद शर्मा, उप प्रधान प्रतिनिधि मुखराम गुर्जर, बिहार सरपंच अर्चना देवी, डाबला सरपंच सागर मल यादव, श्यामपुरा सरपंच मनीषा देवी, जीलो सरपंच शांती देवी, स्यालोदड़ा सरपंच अनिल शर्मा, बिहार पूर्व सरपंच अमरनाथ गोयल, पूर्व सैनिक वीरचक्र विजेता जयराम सिंह, सूबेदार मदन सिंह, कैप्टन राजपाल सिंह, मानवाधिकार सुरक्षा संगठन भारत के नीमकाथाना तहसील अध्यक्ष ईश्वर आसट सहित अनेक लोग मौजूद थे।
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