एकाजल प्याऊ पर लगे विज्ञापन बाेर्डों सेे ताेड़फाेड़ करने पर राेक

सार्वजनिक स्थलाें पर शहर वासियों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता का 600 रुपए लीटर कीमत का एल्कालाईन पानी मुफ्त में पिलाने का प्लांट नगर निगम के अधिकारियाें ने फेल करने की तैयारी कर ली है। दरअसल नगर निगम ने पहले एक कंपनी काे प्लांट लगाने के लिए जगह आवंटित कर दी और कराेड़ाें रुपए खर्च करवा दिए। अब नगर निगम के अधिकारी प्लांट काे अवैध मानकर ताेड़फाेड़ करने में लगे है। खास बात यह है कि काेर्ट ने कंपनी के आवेदन पर सभी प्लांटाें पर ताेड़फाेड़ करने पर राेक लगा दी है।

इसके बाद भी नगर निगम के अधिकारी काेर्ट के आदेशाें काे दरकिनार के ताेड़फाेड़ करने में लगे हुए है। एकाजल स्ट्रेक्चर के साथ निगम द्वारा की जा रही ताेड़फाेड़ के अब कई मायने निकाले जा रहे है। क्याेंकि प्लांट बनकर तैयार हाेने के बाद जब कंपनी ने स्ट्रक्चर पर विज्ञापन बाेर्ड लगाने के लिए एक कंपनी काे अधिकृत कर दिया ताे नगर निगम के अफसराें काे माेटी कमाई नजर आई और ताेड़फाेड़ करने की याेजना बना ली।

यह दिए है काेर्ट ने आदेश
काेर्ट ने निगम काे आदेश दिए है कि प्रार्थी द्वारा एग्रीमेंट के तहत लगाई गई सूची के अनुसार लगाए गए वाटर डिस्पेन्सर यूनिटाें के स्ट्रक्चर व स्ट्रक्चर पर लगे विज्ञापन बाेर्डाें में किसी प्रकार की ताेड़फाेड़ नहीं करे और अन्य प्रक्रियाधीन यूनिटाें के कार्य में किसी प्रकार का काेई व्यवधान न करे।
एग्रीमेंट पर आया है स्टे, यूनिपाेल हटाने पर नहीं आया
^ निगम व कंपनी के बीच हुए एग्रीमेंट के आधार पर काेर्ट ने स्टे दिया है। एग्रीमेंट में जाे तय हुआ था, उसके आधार पर ही कार्रवाई कर रहे है। एकाजल स्ट्रक्चर काे नहीं ताेड़ रहे है। हम ताे केवल एकाजल के ऊपर लगे यूनिपाेल काे हटा रहे है। उस पर स्टे नहीं आया है।
- मनाेज गाेस्वामी, एक्सईएन हैडक्वार्टर, नगर निगम ग्रेटर



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