अपहरणकर्ता बाइक में पेट्रोल भराने रुका तो बच्ची चिल्लाई, इन्होंने ग्रामीणों की मदद से दबोचा

हमीरगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव से अपहरण की गई बालिका को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। अभी तक यह खुलासा नहीं हो सका है कि उसने बच्ची का अपहरण क्यों किया? हालांकि प्रारंभिक पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह देवता के धोक लगाने के लिए बच्ची को ले गया था। इस मामले में चित्तौड़गढ़ जिले के आमोलिया गांव के दो युवकों सहित तीन-चार ग्रामीणों का सराहनीय प्रयास सामने आया है।


दरअसल, पुलिस ने इस गांव के लोगों को गुुरुवार दोपहर में बताया था कि ऐसा संदिग्ध आए तो नजर रखें। इसके बाद गुुरुवार शाम को एक युवक बाइक में पेट्रोल भरवा रहा था। उसके साथ वाली बच्ची चिल्लाई तो ग्रामीणों को शक हुआ। इस पर रमेश, नारायण ने तीन-चार ग्रामीणों के साथ को लेकर बाइक सवार को दबोच लिया। उसने जंगल की ओर भागने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुआ। बाद में पुलिस से संपर्क किया तो यह अपहरण करने वाला अपराधी राजू भील निकला। इस पर उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बच्ची का शुक्रवार को मेडिकल करवाया जाएगा। इधर, अपहृत हुई 7 साल की मासूम के पिता की 14 महीने पहले माैत हाे गई थी। मां 50-100 रुपए की मजदूरी कर गुजारा चलाती है। एएसपी गजेंद्रसिंह जोधा ने बताया कि यह चुनौतीपूर्ण मामला था। टीमवर्क सेे पुलिस ने बच्ची को सकुशल ढूंढ लिया।

पुलिस ने ऐसे कड़ी जोड़कर सफलता पाई : आमोलिया क्षेत्र में मूवमेंट पर दिए ग्रामीणों को नंबर तब पकड़ा

मंगलवार रात बच्ची का राजू अपहरण करके ले गया था। इसके बाद एसपी विकास शर्मा ने आठ टीमें बनाकर उसकी तलाश शुरू की, जिससे यह पता चला कि उसका आमोलिया क्षेत्र में मूवमेंट हुआ है। आराेपी छह जनवरी काे बालिका काे लेकर चित्ताैड़गढ़ जिले के राशमी क्षेत्र के पहुंना क्षेत्र के रूपपुरा में रिश्तेदार के यहां चला गया। वहां 15 मिनट रूककर खाना साथ लेकर रवाना हुआ और मरमी माताजी से हाेता हुआ शनिमहाराज गया। इसके बाद बुधवार काे झांतला माता में रात रूकने के बाद गुरुवार शाम काे चंदेरिया क्षेत्र में आ गया था।

बालिका और आराेपी काे देर रात भीलवाड़ा लाया गया। घटना के बाद बालिका और आराेपी की तलाश के लिए एएसपी गजेन्द्रसिंह जाेधा के सुपरविजन में डीएसपी सदर रामचंद्र चाैधरी, हमीरगढ़ थाना प्रभारी पन्नालाल मीणा समेत पुलिस की 8 टीमें समीपवर्ती चित्ताैड़गढ़, राजसमंद जिले के अलावा मध्यप्रदेश के नीमच जिले में भी भेजी थीं। तलाश में जुटी एक टीम में एएसआई दयालसिंह, हैड कांस्टेबल प्रमाेद कुमार, भारतसिंह आदि शामिल थे।

टीम दाेपहर करीब डेढ़ बजे आमाेलिया पहुंची, जहां आराेपी के रिश्तेदार रहते हैं। वहां उन्हाेंने आराेपी का हुलिया बताते हुए सूचना के लिए अपने माेबाइल नंबर दिए। शाम करीब 7.30 बजे आराेपी बालिका के साथ आमाेलिया पहुंच गया। वहां दुकान के बाहर जैसे ही बालिका राेई कि लाेगाें काे शक हाे गया। इस पर आराेपी भागने लगा ताे लाेगाें ने पकड़ लिया। इधर, टीम तलाश करते हुए गंगरार क्षेत्र में थी कि आमाेलिया के ग्रामीणाें ने फाेन पर सूचना दे दी। टीम तुरंत वहां पहुंची और आराेपी काे पकड़ते हुए बालिका काे अपने कब्जे में ले लिया।

सिटी हीरो : संदिग्ध की सूचना मिलते ही पकड़ने के लिए भागा
आमोलिया के रमेश ने बताया कि शाम को खाना खाने के बाद पता चला कि बच्ची ले जाने वाला संदिग्ध में है। इस पर तुरंत दौड़कर गया और नारायण सहित अन्य ग्रामीणों की मदद से उसे पकड़ लिया। पुलिस के द्वारा बताए हुलिए वह मिल रहा था। इस पर तुरंत पुलिस से मिले नंबरों पर फोन किया। तब तक उसे बैठाए रखा। शुरुआत में आरोपी भागा तो हमें डर लगा कि कहीं बच्ची को वह नुकसान नहीं पहुंचा दे। इसलिए मकसद उसे पकड़ना रहा ताकि वह बाद में बच्ची को नुकसान नहीं पहुंचाए। रमेश का कहना है कि पुलिस काफी सक्रिय दिखी इसलिए हम और ग्रामीण तत्पर रहे।

ग्रामीण बोले - पहले भी एक बच्ची उठा लाया था आरोपी
गांव के लाेगाें ने बताया कि आराेपी राजू की बाइक के पीछे हर समय प्लास्टिक का एक थैला बंधा रहता था। उसमें कंबल रखी हाेती थी। जहां खाने और साेने की जगह मिल जाए, वहीं रह जाता था। जहां से बालिका का अपहरण किया, वहां भी करीब एक महीने से बालिका के परिवार में ही घुल-मिलकर रह रहा था। आराेपी के समाज के एक व्यक्ति ने भी बताया कि कुछ दिन पहले उसके घर में रहने की बात ताे उसने वहां से रवाना कर दिया था। आराेपी राजू पहले भी दाे-तीन नाता विवाह कर चुका है। ग्रामीणों के मुताबिक एक बार पहले भी एक गांव से चार-पांच साल की बालिका काे उठाकर ले आया था। उस समय उसके परिवार के लाेग वाहन लेकर आए और बालिका काे वापस ले गए थे। बताया जा रहा है यह आरोपी आवारा किस्म का है।


पुलिस टीम की सक्रियता से सफलता मिली, टीम को रिवॉर्ड देंगे : एसपी
एसपी विकास शर्मा के अनुसार हमीरगढ़ थाना क्षेत्र से अपहरण की गई बच्ची सकुशल मिल गई है। अभी आरोपी से पूछताछ चल रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद ही पता चलेगा की उसने यह हरकत क्यों की। हमने पुलिस की आठ टीम बनाई और रिपोर्ट मिलने के बाद 24 घंटे में बच्ची को दस्तयाब करने में सफलता पाई है।

काम करने वाली टीम काे प्रशंसा पत्र दिया जाएगा। मेरी कोशिश है कि जिले में हर तरह के अपराधों को घटित होने से रोका जाए और यदि अपराध हो गया तो तुरंत कार्रवाई करके पीड़ित को न्याय मिल सके। इसके लिए सभी पुलिस अधिकारियों व थानाप्रभारियों को निर्देश दिए हैं किसी भी तरह की घटना की सूचना के मिलने के बाद तुरंत एक्शन लिया जाए।



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आरोपी राजू भील


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