सिंघु बॉर्डर पर किसान और ग्रामीण हुए आमने-सामने,प्रदर्शन कर बार्डर खाली करने की मांग,कहा तिरंगे का अपमान नही करेगें सहन

लॉयन न्यूज,बीकानेर। दो दिन पहले ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसक घटनाओं को लेकर जहां केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, वहीं किसानों के विरोध में अब स्थानीय लोग भी सड़कों पर उतर आए हैं। ऐसे ही एक मामले में किसान आंदोलन के मुख्य सेंटर सिंधु बॉर्डर पर गांव के लोगों ने किसानों से हाइवे खाली करने की जोरदार मांग की है।

भारी संख्या में गांव के लोग किसानों के खिलाफ हाइवे पर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के मामले में अबतक 37 किसान नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने किसान नेता दर्शन सिंह को नोटिस भेजकर तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा है, साथ ही एफआईआर में पंजाबी एक्टर दीप सिंधू और लक्खा सिधाना का नाम भी जोड़ा गया हैं।

दीप सिंधू ने ही लाल किले पर खालसा पंत का झंडा फहराया था। वहीं बताया जा रहा है कि गाजीपुर बॉर्डर पर कल रात से बिजली नहीं है। जिसके बाद वहां पुलिस की पहरेदारी बढ़ गई है। इस समय सिंघु बॉर्डर पर भारी हंगामा मचा हुआ है,और यहां कई गांववाले किसानों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. गांववालों का कहना है कि किसानों ने तिरंगे का अपमान किया है और उन्हें यहां से हटाया जाना चाहिए।

किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा की घटनाओं में करीब 400 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। किसान नवंबर से ही केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। आज गृह मंत्री अमित शाह ने टॉमा सेंटर के बाद तीरथ राम अस्पताल का दौरा भी किया और घायल पुलिसकर्मियों का हाल जानें।

दो किसान संगठनों के जाने के बाद चिल्ला बॉर्डर पर आंदोलन खत्म, 58 दिन बाद खुला रास्ता
ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने बताया है कि राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर परेड के दौरान जो कुछ भी हुआ उससे वह काफी दुखी हैं। दोनों किसान संगठनों के आंदोलन खत्म करने पर किसान नेता दर्शन पाल सिंह ने कहा है कि जिन किसान संगठनों ने कल की हिंसा के बाद अपना आंदोलन खत्म कर दिया है। वह अच्छी बात नहीं है।

आंदोलन से अलग हुए दो किसान संगठन
दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के एक दिन बाद केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन से दो किसान संगठन बुधवार को अलग हो गए। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वी एम सिंह ने कहा कि उनका संगठन मौजूदा आंदोलन से अलग हो रहा है। क्योंकि वे ऐसे विरोध प्रदर्शन में आगे नहीं बढ़ सकते जिसमें कुछ की दिशा अलग है।
वहीं भारतीय किसान यूनियन (भानु) के अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने भी बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर परेड के दौरान जो कुछ भी हुआ उससे वह काफी दुखी हैं और उनकी यूनियन ने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया है. भाकियू (भानु) से जुड़े किसान नोएडा-दिल्ली मार्ग की चिल्ला सीमा पर प्रदर्शन कर रहे थे।

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