जयपुर में ड्राई रन सफल, स्वदेशी कोवैक्सीन को भी मंजूरी

उम्मीदों भरे 2021 के दूसरे दिन ही दो अच्छी खबरें आईं। वैक्सीनेशन के लिए कोल्ड स्टोरेज चेन जांचने के लिए जयपुर के चार सेंटरों पर हुआ ड्राई रन सफल रहा। वहीं, स्वदेशी कोवैक्साीन को भी इमरजेंसी मंजूरी मिल गई है। जयपुर में को-वैक्सीन के तीसरे और अंतिम चरण का ट्रायल चल रहा था।

वैक्सीन आने के साथ ही उसे कैसे और किन चरणों में लगाया जाएगा, इसकी तैयारियां शनिवार से शुरू हो गई। जयपुर के जेके लोन, मणिपाल हॉस्पिटल, बनीपार्क स्थित अर्बन पीएचसी और अचरोल सीएचसी पर ड्राई रन हुआ। हैल्थ सेक्रेट्री सहित चिकित्सा विभाग के आला अधिकारियों की टीम ने सभी जगहों का निरीक्षण किया। ट्रायल के रूप में वैक्सीन लगाई गई। फिर वैक्सीन लगाने के बाद सब्जेक्ट को 15 से 20 मिनट तक साइड इफेक्ट देखने के लिए बिठाया भी गया।

कोल्ड वैक्सीनेशन बॉक्स में 2-8 डिग्री में होगी ट्रांसफर
वैक्सीन की वॉयल की स्टोरेज के लिए सेठी कॉलोनी स्थित सीएमएचओ ऑफिस मुख्य सेंटर बना हुआ है। यहां 12 हजार लीटर का एक और 4 हजार लीटर के 7 फ्रीजर हैं यानी 40 हजार लीटर वैक्सीन यहां स्टोर हो सकती है। वैक्सीन की एक डोज 2.5 एमएल की है मतलब अकेले जयपुर 1 करोड़ 60 लाख वॉयल स्टोर करने की क्षमता है।

सीएमएचओ से कोल्ड वैक्सीन बॉक्स से वैक्सीन चारों सेंटरों पर पहुंचाई गई। इस बॉक्स में तापमान दो से आठ डिग्री तक रहता है। हैल्थ सेक्रेट्री सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि सभी कोरोना वैक्सीन सेंटर पर इस ड्राई रन के लिए 25-25 हेल्थ वर्कर को बुलाया गया। कोल्ड चेन मैनेजमेंट, वैक्सीन की सप्लाई, स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स के अलावा पूरी मशीनरी की तैयारियों की जांच की गई है।

3 चरणों में जानिए, कैसे हुआ वैक्सीनेशन? 25 हैल्थ वर्कर्स तैनात रहे

  • सबसे पहले रजिस्ट्रेशन कक्ष में पहुंचे व्यक्ति ने मोबाइल पर क्रमांक के आधार पर वैक्सीनेशन नंबर दिखाया। पहले कक्ष में मेडिकल सम्बन्धी पूछताछ हुई। इनमें कोरोना हुआ या नहीं और गंभीर बीमारियों से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे। फिर इसी कक्ष में वेटिंग रूम में सोशल डिस्टेंसिंग से बिठाया गया।
  • दूसरे कक्ष में वैक्सीनेशन की गई। यहां सम्बन्धित व्यक्ति को वैक्सीन लगाई जाएगी।
  • तीसरे कक्ष में हर वैक्सीन करने वाले व्यक्ति काे कम से कम 30 मिनट बिठाया जा रहा था। यहां किसी भी तरह का साइड इफेक्ट आने पर पूरी मेडिकल टीम तैयार थी।

सबसे पहले बृजेश पर हुआ ट्रायल
जेके लोन अस्पताल में सबसे पहले हैल्थ वर्कर बृजेश कुमार को वैक्सीन ट्रायल के लिए लिया गया। उनकी आईडी चेक कर co-win एप पर रजिस्ट्रेशन चेक किया गया। यहां वैक्सीन लगाने वाली नर्स ने बृजेश को वैक्सीन की जानकारी दी। इसके प्रभाव के बारे में गाइड किया। वैक्सीन लगाने के बाद क्या इफेक्ट आएंगे इसके बारे में भी बताया। पूरी गाइडेंस देने के बाद बृजेश को वैक्सीन लगाई गई। इसके बाद ऑब्जर्वेशन रूम में 25 मिनट तक बिठाए रखा गया।

दो से तीन दिन में होगा फाइनल
अब इमरजेंसी मंजूरी के बाद केन्द्र सरकार राजस्थान में वैक्सीनेशन के लिए कोवैक्सीन या कोविशील्ड दोनों कंपनियों में से किसी को भी भेज सकती है और अगले तीन से चार दिनों में यह अनुमति मिलते ही सेंटर्स पर वैक्सीन आना शुरू हो जाएंगी। दोनों कंपनियों की वैक्सीन ही दो से आठ डिग्री तक में रखी जानी हैं तो किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होेगी।



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जेके लोन में वैक्सीन की वॉयल की स्टोरेज।


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