मालगाड़ी के ड्राइवर ने तोड़ा सिग्नल; सस्पेंड, जांच शुरू

जयपुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार को एक लोको पायलट यानि ट्रेन ड्राइवर की लापरवाही ने रेलवे प्रशासन के हाथ-पैर फूला दिए, लेकिन बड़ा हादसा होने से टल गया। शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे एक मालगाड़ी फुलेरा से जयपुर आ रही थी। इस दौरान ट्रेन कनकपुरा से जयपुर के लिए रवाना हुई। स्टेशन मास्टर ने ट्रेन को जयपुर स्टेशन पर आने के लिए सिग्नल नहीं दिए हुए थे।

इसके बावजूद लोको पायलट ने सिग्नल को तोड़कर ट्रेन को जयपुर स्टेशन के यार्ड में घुसा दिया। रेलवे में लोको पायलट द्वारा सिग्नल ओवर शूट किए जाने को सिग्नल पासिंग एट डेंजर (स्पाड) कहा जाता है। शनिवार को हुई इस घटना के बाद ट्रेन के लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को तत्काल कार्रवाई करते हुए सस्पेंड कर जांच शुरू कर दी गई है।

रेल मामलों के विशेषज्ञ डीपी मिश्रा बताते हैं कि स्पाड होने पर रेलवे डीएआर नियमों के तहत मेजर पेनल्टी चार्जशीट एसएफ-5 के तहत कार्रवाई की जाती है। इसमें रिमूव फ्रॉम सर्विस तक का प्रावधान है। हालांकि कुछ तकनीकी मामलों में लोको पायलट की गलती नहीं होने पर सजा कम भी कर दी जाती है। लेकिन शनिवार को हुए हादसे में गलती पूरी तरह से लोको पायलट की ही बताई जा रही है।
डीआरएम मंडल के बाहर : जयपुर मंडल की डीआरएम मंजूषा जैन इन दिनों जोधपुर, जैसलमेर के दौरे पर हैं। उन्होंने मुख्यालय छोड़ने के पीछे जोधपुर डीआरएम से बैठक करने का हवाला दिया है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


टिप्पणियाँ