मानवाधिकारी आयोग के अध्यक्ष व्यास ने बच्चियों से बात कर उनसे कविताएं सुनीं, गोद में लेकर दुलारा और कहा- बच्चों को प्यार और स्नेह करते हुए उनका ख्याल रखें

लॉयन न्यूज, बीकानेर। माननीय न्यायामूर्ति एवं अध्यक्ष राजस्थान मानवाधिकार आयोग गोपाल कृष्ण व्यास ने शुक्रवार को राजकीय संप्रेक्षण एवं किशोर गृह तथा राजकीय बालिका गृह का निरीक्षण किया और उड़ान सदन में बच्चों के पलंग पर बैठकर संवाद किया और व्यवस्थाओं को देखा। उनके पढऩे की टेबल आदि को भी देखा तथा बच्चियों से बातचीत कर उनसे कविता भी सुनी। व्यास ने उड़ान सदन संपूर्ण व्यवस्थाओं पर संतोष जाहिर किया।
व्यास ने कहा बालिकों से संवाद करते हुए कहा कि मन लगाकर पढ़ाई करें और शिक्षा को लेकर अभी कोई प्रॉब्लम हो तो अपने प्रभारी को बताएं। उन्होंने प्रभारी से भी कहा कि बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।

शिक्षा के साथ संगीत में भी महारत हासिल करें
राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष व्यास ने बच्चों से बातचीत करते हुए उनसे गीत और भजन भी सुने और कहा कि वे संगीत में भी महारत हासिल करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ अन्य विधा में भी महारत हासिल करनी चाहिए। बच्चों को चाहिए कि वे संगीत में रुचि लेते हुए संगीत के क्षेत्र में भी उड़ान सदन का नाम रोशन करें।

गोद में लेकर बच्चों को दुलारा
न्यायमूर्ति गोपाल कृष्ण व्यास ने उड़ान सदन में 1 वर्ष की एक बच्ची को देखकर उसे गोद में लेकर कुछ देर तक दुलारा और अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को प्यार और स्नेह करते हुए उनका ख्याल रखें।
मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष व्यास ने अधीक्षक राजकीय बालिका गृह और उपस्थित अधिवक्ता से कहा कि बालिका गृह में रहने वाली बालिकाओं के लिए न्यायिक प्रक्रिया को अपनाते हुए जहां तक संभव हो सके, उन्हें तत्काल इनके घर भेजने की व्यवस्था करें। अगर किसी तरह की दिक्कत हो तो जिला प्रशासन से और पुलिस विभाग से संपर्क स्थापित कर समस्या का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि यहां रहने वाली बालिकाओं को स्वरोजगार से जोडऩे के लिए भी सार्थक प्रयास किए जाएं ताकि जब भी वे यहां से जाएं तो स्वावलंबी बनकर जाएं। अधीक्षक शारदा चौधरी ने बताया कि वर्तमान में यहां रह रही बालिकाओं के घरवालों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है तथा इन्हें उनके घर भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

व्यास ने नारी निकेतन में भी महिलाओं से संवाद किया गया। बालिका गृह एवं नारी निकेतन में अधीक्षक शारदा चौधरी द्वारा उक्त निरीक्षण कार्य करवाया गया। उन्होंने राजकीय संप्रेषण एवं किशोर गृह का निरीक्षण कर विधि से संघर्षरत बालकों से संवाद किया गया। सहायक निदेशक डॉ अरविन्द आचार्य ने बताया कि विधि से संघर्षरत और देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को पूर्णत: पृथक रखा जाता है। संस्था में कुल 26 बालक आवासित है। साथ ही बालकों के लिए आइसोलेशन सेंटर की भी पृथक से व्यवस्था है। सुरक्षित स्थान एवं संप्रेक्षण गृह में आयु वर्ग के हिसाब से बालकों को आवासित किया गया है। किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति कार्यालय का भी न्यायमूर्ति द्वारा निरीक्षण किया गया। किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य अरविन्द सिंह सेंगर, श्रीमती किरण गौड एवं बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्रीमती किरण सिंह तंवर एवं सदस्य श्रीमती सरोज जैन, जुगल किशोर व्यास, हर्षवर्धन सिंह एवं आईदान इस दौरान उपस्थित रहे। न्यायमूर्ति एवं राजकीय मानवाधिकार आयोग के रजिस्टार ओमी पुरोहित ने सभी को पुनीत कार्य के लिये खुलेमन से सराहना की।

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