एसीबी कोटा स्पेशल यूनिट ने अवैध रेत व पत्थर की सप्लाई के बदले 14 हजार रुपए की रिश्वत लेने के मामले में बूंदी जिले के देईखेड़ा महिला थानाधिकारी मुकेशीबाई मीणा को अनुसंधान में दोषी माना है। एसीबी ने अनुसंधान के बाद उसके खिलाफ चालान पेश कर दिया। मामले में सुनवाई 9 मार्च को होगी।
सहायक निदेशक अभियोजन अशोक जोशी ने बताया कि देईखेड़ा की महिला थानाधिकारी मुकेशीबाई मीणा ने दो ट्रैक्टरों को छोड़ने की एवज में 40 हजार रुपए की मांग की। रुपए देने पर दोनों ट्रैक्टर-ट्राली छोड़ दिए। इसके बाद थानाधिकारी मुकेशीबाई मीणा ने भविष्य में ट्रैक्टर-ट्राली चलाने के लिए 15 हजार रुपए मंथली की मांग की। परिवादी की शिकायत पर एसीबी कोटा सिटी में 3 सितंबर को मामले का सत्यापन करवाया, जो सही पाया गया।
एसीबी ने 5 सितंबर को देईखेड़ा महिला थानाधिकारी मुकेशीबाई मीणा की जीप में रखी थैली में से 14 हजार रुपए की रकम बरामद कर ली। आरोपी महिला को गिरफ्तार किया। न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया था। एसीबी कोटा स्पेशल यूनिट ने मामले में आरोपी सीआई मुकेशीबाई मीणा के विरुद्ध अनुसंधान के पश्चात न्यायालय में चालान पेश कर दिया।
रिश्वत के आरोपी होमगार्ड को जेल भेजा
न्यायालय विशिष्ट न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) प्रमोद कुमार मलिक ने एनडीपीएस एक्ट में झूठा फंसाने की धमकी देकर 10 हजार रुपए रिश्वत लेने के मामले में आरोपी होमगार्ड को 16 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एसीबी सीआई ज्ञानचंद के अनुसार छबड़ा के उच्चावत निवासी परिवादी रामकिशन ने कहा था कि फतेहगढ़ थाना क्षेत्र का होमगार्ड अशोक मीणा झूठा फंसाने की धमकी देकर 10 हजार की मांग कर रहा है। एसीबी ने 10 हजार रुपए रिश्वत पकड़ लिया।
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