दहेज का मुकदमा दर्ज होने के कारण नहीं बैठने दिया परीक्षा में, कल चेयरमैन के सामने रखेंगे अपनी बात

बीकानेर में मानवाधिकार हनन का मामला
लॉयन न्यूज,बीकानेर। मानव अधिकारों के हनन के मुद्दे को लेकर लॉयन एक्सप्रेस एक बार फिर सामाजिक सरोकारों से जुड़ा मुद्दा उठा रहा हैं। अगर आपके साथ भी मानव अधिकारों का हनन हुआ है तो हमें बताएं।
मानव अधिकारों से जुड़ा एक और मामला सामने आया हैं। इस सम्बंध में प्रार्थी रामकिशन दुबे ने बताया कि उनके खिलाफ दहेज से जुड़ा हुआ मुकदमा 2018 में दर्ज किया गया था। जिसमें धारा 498 लगाई गयी थी जो कि महिलाओं के लिए लागू की गयी हैं। रामकिशन ने बताया कि मुकदमा केवल मात्र उसके करियर को खराब करने और मोटी रकम वसूल करने के उद्देश्य से किया गया। दो साल बीत जाने के बाद भी अब भी किसी भी तरह की कोई जांच का निर्णय नहीं निकल पाया हैं। इसी बीच रामकिशन ने राजस्थान लोक सेवा आयोग में एक प्रतियोगी परीक्षा के लिए आवेदन किया था। जिसमें यह कहते हुए रामकिशन को परीक्षा से बाहर कर दिया गया कि उनके खिलाफ 498 का मुकदमा चल रहा हैं। ऐसे में मानव अधिकारों का हनन हुआ हैं। रामकिशन ने बताया कि भारत के सविधांन के अंतर्गत कहा गया है कि किसी व्यक्ति के साथ लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता हैं, लेकिन फिर भी मानव अधिकारों का हनन करते हुए उनके साथ यह कृत्य किया गया हैं। रामकिशन ने बताया कि अब अगर वह निर्दोष साबित हो जाते है तो जितने समय तक इस मुकदमे के कारण परीक्षाओं में नहीं बैठ पाऊगा इसकी जिम्मेवारी किसकी होगी और अगर किसी की नहीं होगी तो क्या वह रामकिशन के साथ मानव अधिकारों का हनन नहीं होगा। रामकिशन ने भावुक होते हुए बताया कि उसके अधिकारों का हनन हो रहा हैं। इसी को लेकर कल होने वाली जनसुनवाई में रामकिशन चैयरमेन के समक्ष अपनी बात रखेगें।

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