जिले में पहली मावठ से खिल उठीं फसलें, गेहूं, सरसों और चना की बढ़वार होगी, आज हल्की बरसात व ओलावृष्टि होने की संभावना
जिले में मंगलवार को कहीं हल्की बरसात तो कहीं बूंदाबांदी हुई। सर्दी के सीजन में पहली बार हुई मावठ से गेहूं, सरसों, चना सहित सभी फसलों के लिए अमृत से कम नहीं है। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने से तापमान में थोड़ी बढ़ोत्तरी हुई। इससे दिन में सर्दी का असर कुछ कम हुआ। हालांकि शाम के समय सर्दी का असर बढ़ गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जिले में आगामी पांच दिनों में मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है। बुधवार को हल्की बरसात के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना है। जिले में सोमवार रात्रि से ही मौसम बदल गया। मंगलवार सुबह आसमान बादलों से ढक गया।
जिला मुख्यालय सहित विभिन्न तहसीलों व ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं हल्की बरसात तो कहीं पर बूंदाबांदी हुई। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार दिसंबर व जनवरी में होने वाली हल्की बरसात को मावठ कहते हैं। मावठ रबी फसलों के लिए काफी फायदेमंद होती है। पूर्व में कई दिनों तक पाळा पड़ने से गेहूं, सरसों व चना की बढ़ वार रुक गई थी। समय पर सिंचाई नहीं होने से भी फसलें प्रभावित हो रही थी। अब मावठ होने से फसलों को पाळा मारने की आशंका नहीं रहेगी। साथ ही बढ़ वार शुरू हो जाएगी। आगामी दिनों में तापमान फसलों के अनुकूल रहेगा जिससे फायदा होगा।
कृिष विभाग के मुताबिक रबी सीजन की सभी फसलों के लिए अब मौसम अनुकूल
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को जिले में हल्की बरसात के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। कृषि विज्ञान केंद्र संगरिया के प्रदीप भाकर के अनुसार आगामी पांच दिनों में मौसम परिवर्तनशील रहेगा। क्षेत्र में 7 व 8 जनवरी को आसमान साफ रहेगा। शेष दिनों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। 6 व 9 जनवरी को जिले में कहीं मेघ गर्जन तथा हल्की बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। अगले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान 21.0 से 23.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.0 से 14.0 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। क्षेत्र में सापेक्ष आर्द्रता 22-94 प्रतिशत के बीच हो सकती है। हवा की गति 3.0 से 11.0 किमी प्रति घंटे के बीच रहने की संभावना है।
जहां मावठ हुई है वहां फसलों को फायदा हुआ है। रबी सीजन की सभी फसलों के लिए अब मौसम अनुकूल है। मावठ से फसलों की बढ़ वार शुरू हो जाएगी। बारानी क्षेत्र की फसलों के लिए भी हल्की बरसात फायदेमंद है।
दानाराम गोदारा, उपनिदेशक कृषि (विस्तार), हनुमानगढ़
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