चारों और से मुसीबतों से घिरे ओमाराम के लिए भगवान बनकर आयी कांस्टेबल यशोदा,अब हो रही है खूब वाह-वाही

 

लॉयन न्यूज,बीकानेर। कहते है कि भगवान के घर पर देर हैं अंधेर नहीं। ऐसा ही मामला लूणकरणसर तहसील से सामने आया हैं। जहां पर रहने वाला ओमाराम को भामाशाह और कांस्टेबल यशोदा सिद्ध के सहयोग से पक्का मकान मिल गया। ओमाराम के 9 लडकिया और 1 लड़का हैं। उसकी पत्नी की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं हैं। ओमाराम जितने रूपए कमाकर लाता हैं उतने में ठीक ढग़ से परिवार का पालन पोषण भी नहीं हो पाता हैं।

 

ऐसे में भगवान बनकर आयी कांस्टेबल यशोदा ने कुछ ऐसा किया कि अब ओमाराम और उसका परिवार भामाशाह और यशोदा को भगवान के रूप में देखकर रहा हैं। इस सम्बंध में कांस्टेबल यशोदा बताती हे कि उसकी ड्यूटी लूणकरणसर हैं। इसी दौरान जब वह खोखराना ग्राम पंचायत के कंकरालिया गांव में गयी तो एक पुराना सा झोंपड़ा मिला।

पूरे गांव में सबसे खराब हालात इसी झोंपड़े के थे। जिस पर यशोदा के मन में आया कि कुछ ना कुछ इनके लिए किया जावे। इस दौरान कांस्टेबल यशोदा ने जानकारी लेकर भामाशाहों से संपर्क किया और देखते ही देखते एक लाख से अधिक रूपए जुटाकर ओमाराम को दो कमरे बनाकर बुधवार को उसकी चाबी ओमाराम को सौंप दी। दो कमरों के साथ ही वहां शौचालय बनाने के लिए बुधवार को ओमराम को 14 हजार रुपए नकद दिए गए।

इससे उसके घर में पक्का शौचालय भी बनेगा। इसके साथ ही ग्रामीणों ने भी अपनी-अपनी मर्जी से दैनिक जरूरत का सामान व राशन भी इस परिवार को देकर इनकी सहायता की। इसके लिए बीकानेर के डॉ. अजय गुप्ता,खोखराना के प्रभु गोदारा,राजूराम जाट सुरनाणा, जयपुर के इमीलाल सुथार ने सहयोग किया।

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