दो सालों से ग्राम पंचायतों में नहीं पहुंचा स्टेट फाइनेंस का पैसा, ठप हो गया विकास कार्य, सरपंचों में भारी रोष, देखें वीडियो

लॉयन न्यूज, बीकानेर। ग्राम पंचायतों के ब्याज रहित पीडी खाते खोले जा कर संवैधानिक वित्तीय अधिकारों में की जा रही कटौती को रोकने के लिए सरपंच संघ बीकानेर ने मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। साथ ही सरपंचों ने कलेक्ट्रेट पर नारेबाजी करते हुए सरकार के आदेशों की प्रतियां भी जलाई। ज्ञापन में बताया कि राज्य सरकार के वर्तमान कार्यकाल में विगत दो वर्षों से कुछ प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं के प्रशासनिक एवं वित्तीय हितों पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है। जहां एक और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की दयनीय स्थिति कर दी गई है वहीं दूसरी ओर पंचायतीराज संस्थाओं की वित्तीय हालात बहुत नाजुक किए जा रहे है। विगत दो वर्षों में केंद्रीय वित्त आयोग की राशि के अतिरिक्त राज्य वित्त आयोग का एक भी रुपया ग्राम पंचायतों को नहीं दिया गया। यहां तक कि राज्य वित्त आयोग पंचम की सिफारिश के अनुसार वर्ष 2019-20 में चार हजार करोड़ रुपये में से एक भी रुपया का हस्तांतरण ग्राम पंचायतों को नहीं किया गया। ऐसे में ग्राम पंचायतों के विकास कार्य ठप हो गए है और कार्यालय बंद होने की कगार पर है।

ज्ञापन में बताया कि राज्य वित्त आयोग पंचम की प्रथम किस्त की राशि 1450 करोड़ में से लगभग 364 करोड़ रुपए पंचायत समितियों एवं जिला परिषदों को तो अक्टूबर 2019 में ही हस्तांतरित कर दिए गए लेकिन ग्राम पंचायतों के हक की राशि 1086 करोड रुपए ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण करने के लिए 30 अक्टूबर 2019 को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी भी कर दी गई थी, इसके पश्चात भी यह राशि भी ग्राम पंचायतों को आज दिनांक तक नहीं मिली।
ज्ञापन में बताया कि राज्य वित्त आयोग पंचम की द्वितीय-तृतीय की राशि भी लगभग तीन हजार करोड़ रुपए कुल राशि चार हजार करोड़ रुपए आज दिनांक तक ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नहीं की गई।

ज्ञापन में बताया कि इसके अतिरिक्त छठे वित्त आयोग का तो आज दिनांक तक गठन नहीं किया गया। ऐसे में 2020-21 में भी कोई राशि ग्राम पंचायतों को प्राप्त नहीं हुई है एवं ना ही कोई प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में ग्राम पंचायतों के प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है एवं कार्यालय के प्रशासनिक संचालन के साथ ही जनप्रतिनिधियों व मानदेय कर्मियों का भत्ता भुगतान करने के लिए भी ग्राम पंचायत में राशि उपलब्ध नहीं है।

ज्ञापन में बताया कि जहां एक ओर केन्द्र सरकार केंन्द्रीय वित्त आयोग की राशि सीधे ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने के लिए आई एफ एम एम सिस्टम लागू कर रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार के वित्त विभाग के अधिकारी ग्राम पंचायतों की राशि को पीडी खाते में हस्तांतरित कर ग्राम पंचायतों के सामुदायिक विकास के हक एवं अधिकार की राशि का अन्य कार्यों में उपयोग करना चाह रहे है।

राजस्थान सरपंच संघ ने कहा कि वित्त विभाग एवं पंचायती राज विभाग के इस निर्णय की कड़ी निंदा करता है। साथ ही यह निर्णय किया गया है कि प्रदेश का कोई भी सरपंच कोषालय एवं उप कोषालय में डीडीओ कोड जनरेट नहीं करवाएगा ना ही लॉगिन आईडी बनाने के लिए कोई दस्तावेज प्रस्तुत करेगा।

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