नगर निगम चुनावाें में खड़े हाेने वाले प्रत्याशियाें काे इस बार चुनाव में खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है। यह मशक्कत चुनाव की बजाय मतदाताओं की सूची काे दुरुस्त करने के लिए उठानी पड़ेगी। पार्षद पद के प्रत्याशियाें ने गुरुवार काे नगर निगम सहित जिला कलेक्टर कार्यालय से अपने अपने वार्डाें के मतदाताओं की सूची निकलवाई। मतदाता सूची देख उनके पैराें तले जमीन खिसक गई। मतदाता सूची में कई अनियमितताएं हैैं। इन सूचियाें में एक ही परिवार के सदस्याें काे दूसरे बूथ में दर्शा दिया गया है।
अब इतना समय भी नहीं है कि इन्हें सही किया जा सका। इन चुनावाें में मतदान के लिए जाने वाले एक ही परिवार के सदस्य अलग अलग बूथ व भाग संख्या में मतदान करने के लिए जाएंगे। वहीं प्रत्याशी चुनाव प्रचार किस वार्ड में करेंगे इसे लेकर वह असमंजस की स्थिति में आ गए हैं।
एक ही बूथ के लिए क्या दाे बीएलओ हाेंगे : एक ही भाग संख्या के परिवार के सदस्याें के नाम अलग-अलग बूथाें पर सामने आ रहे हैं। ऐसे में अब किसी काे अपना नाम दुरुस्त करना हाेगा ताे क्या अब एक ही बूथ पर दाे
बीएलओ बैठेंगे। इस मामले की जानकारी अब किसी काे नहीं है।
ऐसे समझें मामले काे
नगर निगम के वार्ड 57 के दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की संख्या 101 के भाग संख्या 2 में अभिषेक नटवाडिया पुत्र प्रभुदयाल अंकित है। परिसीमन के दाैरान दुरुस्त की गई सूची में परिवार के अन्य सदस्य सुनीता, प्रभुदयाल, सरिता काे भाग संख्या 3 में दर्ज कर दिया गया है। अब एक ही परिवार के सदस्य अलग अलग बूथ पर वाेट करने जाएंगे।
आंकड़ाें का खेल : जानकाराें का कहना है कि एक बूथ पर सात साै से अधिक वोटर्स नहीं हाे सकते। इसी कारण नाम हटाए गए हाेंगे, लेकिन जाे नाम हटाए हैं वह बिना जांच हटा दिए गए। यह सूची स्थानीय निकाय की बजाय विधानसभा क्षेत्र के अनुसार तैयार की गई है। इसी कारण यह समस्या हुई। नियमाें के तहत बीएलओ काे जांच पड़ताल के बाद नाम हटाने चाहिए थे, लेकिन काेविड के चलते नियमाें की पालना नहीं हाे सकी।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
टिप्पणियाँ