राेज मर रहे पक्षियाें की माैत पर बर्ड फ्लू की आशंका बनी है। सभी काे रिपाेर्ट का इंतजार है कि कहीं पक्षियाें में एच-5 एन-1 वायरस ताे नहीं। यदि एच-5 एन-1 वायरस की पुष्टि होती है तो इंसान के लिए बड़ा खतरा है। हालांकि रिपोर्ट आने के बाद भी पशुपालन विभाग के पास बचाव के लिए कोई साधन नहीं है। फर्क सिर्फ इतना पड़ेगा कि मुर्गी पालन केन्द्राें से लेकर पक्षियाें के झुंड वाले इलाकों को इंसानाें काे दूर रखा जा सकता है।
अब तक 154 पक्षियाें की असामयिक माैत हाे गई है, जिसमें सर्वाधिक काैए हैं। पशुपालन विभाग के साथ आमजन भी इसलिए रिेपाेर्ट का इंतजार कर रहा ताकि वो अपने स्तर पर बचाव के उपाय कर सकें। दरअसल कुछ पक्षी घरों की मुंडेर और छतों पर बैठते हैं। उनकी बीट से भी इंसानाें में बर्ड फ्लू फैलने का खतरा रहता है। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक ओपी किलानिया का कहना है कि रिपाेर्ट आने के बाद जाे इंतजाम करते, वाे पहले ही करने लगे हैं।
24 घंटे में फिर 30 पक्षियाें की माैत: रविवार काे भी 30 पक्षियाें की माैत हो गई। बाज और उल्लू पहली बार मृत पाए गए। जामसर में बाज और बिग्गाबास में उल्लू मृत पाया गया। इसके अलावा चार कबूतर और 24 काैओं की माैत हुई।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
टिप्पणियाँ