पीएम 7 को वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर को दिखाएंगे हरी झंडी, अब अजमेर से काठूवास की गुड्स ट्रेनें इसी ट्रैक से जाएंगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेलवे के ड्रीम प्रोजेक्ट वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम राजस्थान और हरियाणा के बीच पूरा हो गया है। 7 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेलमंत्री पीयूष गोयल दिल्ली से हरी झंडी दिखाकर इस रूट पर गुड्स ट्रेन का संचालन शुरू करेंगे। रेल मंत्रालय से जुड़े सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के एमडी आरके जैन ने रेलमंत्री गोयल को इस संबंध में जानकारी दी। इसके बाद इसे 7 जनवरी से ट्रेनों के संचालन के लिए शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम पर नॉन स्टॉप दौड़ेंगी डबल स्टैक की डेढ़ किलोमीटर लंबी मालगाड़ियां
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस रूट पर 7 जनवरी को एक ट्रेन अजमेर से न्यू किशनगढ़ और एक ट्रेन अलवर के पास काठूवास से चलेगी। दोनों ट्रेन इस रूट पर संचालित होने वाली पहली डबल स्टैक मालगाड़ी होगी। जिनकी लंबाई करीब 1.5 किलोमीटर यानि दो मालगाड़ी के बराबर होगी। कॉरिडोर में संचालित होने वाली गुड्स ट्रेनें ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम पर नॉन स्टॉप संचालित होंगी।
राजस्थान से हरियाणा जाने वाली 20 गुड्स ट्रेनें यहीं से चलेंगी
वेस्टर्न कॉरिडोर नोएडा के दादरी से मुंबई के जवाहर लाल नेहरू पोर्ट तक फैला हुआ है। इस कॉरिडोर में राजस्थान और हरियाणा के बीच 306 किलोमीटर का काम पूरा कर लिया गया है। अब राजस्थान और हरियाणा के बीच 254 किलोमीटर (न्यू किशनगढ़ से अटेली/काठूवास) की दूरी में पहली गुड्स ट्रेनें चलाई जाएंगी। इस रूट के शुरू होने के बाद मुंबई, अहमदाबाद से दिल्ली आने वाली गुड्स ट्रेन अजमेर के बाद फ्रेट कॉरिडोर से ही संचालित होंगी। यानि रोजाना करीब 20 गुड्स ट्रेनों का संचालन इसी कॉरिडोर से किया जाएगा।
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