संभाग के 4 जिलों में पक्षियों की मौतें, बांसवाड़ा चित्तौड़ में वायरस की पुष्टि, उदयपुर अब तक सेफ

प्रदेश में लगातार बढ़ रहे बर्ड फ्लू के खतरे के बीच उदयपुर के लिए राहत की बात है कि अब तक यहां पक्षियों की मौत का एक भी मामला सामने नहीं आया है। फिर भी पशु पालन और वन विभाग हाई अलर्ट पर है। पक्षियों से जुड़ी हर सूचना के लिए 15 कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। एक सेंट्रल कंट्राेल रूम 24 घंटे काम कर रहा है।

निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए 21 टीमें तालाबों और झीलों पर निगरानी रख रही है। इधर, संभाग में प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिले में पक्षियों की मौतों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। चित्तौड़गढ़ और बांसवाड़ा में तो बर्ड फ्लू की पुष्टि भी हो चुकी है। राजसमंद और प्रतापगढ़ में सैंपल की रिपोर्ट अभी आना बाकी है।

संभाग में अब तक 214 पक्षियों की मौत

संभाग में सबसे पहले चित्तौड़गढ़ में एक साथ 15 काैवाें की माैत का मामला सामने आया था। दाे दिन पहले आई रिपाेर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। यहां अब तक 180 माैतें हाे चुकी हैं। बांसवाड़ा में 1 जनवरी को 15 पक्षियाें की माैत हुई थी। इसके बाद डूंगरपुर में 7 पक्षी मृत मिले। प्रतापगढ़ में 6 जनवरी को 5 और राजसमंद में 7 जनवरी को 7 पक्षी मृत मिले।

एक्सपर्ट- प्रदेश में अब तक जंगली पक्षियाें तक ही सीमित है वायरस
एवियन इन्फ्लूएंजा पक्षियों को ही प्रभावित करता है। प्रदेश में अब तक सामने आए मामलों में इसका दायरा जंगली पक्षियों तक ही सीमित है। वायरस का जाे स्ट्रेन सामने आया है, वह पक्षियाें से पक्षियाें में जरूर फैलता है लेकिन इंसानाें तक नहीं पहुंचता है। प्रदेश में अब तक ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है। फिलहाल अंडे और अन्य पोल्ट्री उत्पाद सुरक्षित हैं, लेकिन खाने से पहले इन्हें अच्छी तरह से पकाने की जरूरत है। डॉ. भूपेंद्र भारद्वाज, अतिरिक्त निदेशक, पशु पालन विभाग, उदयपुर



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देवगढ़ में भी कौवे की मौत।


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