जिले में शुक्रवार को कोरोना-19 वैक्सीनेशन का प्रथम ड्राई रन (मॉक ड्रिल) सफलतापूर्वक हुआ। तीन चिकित्सा संस्थानों में वैक्सीनेशन सेंटर स्थापित कर कुल 75 स्वास्थ्य कार्मिकों के लिए वैक्सीनेशन का ड्राई रन हुआ। कलेक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी व अतिरिक्त जिला कलेक्टर मनोज कुमार ने पंडित जवाहर लाल नेहरू अस्पताल, राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बासनी तथा लाइफलाइन हाॅस्पिटल में हुए कोविड-19 वैक्सीनेशन के ड्राई रन का निरीक्षण किया। नागौर में वर्तमान में 6 लाख वैक्सीन रखने की क्षमता है। करीब 262 टीमें वैक्सीनेशन के लिए तैयार हो चुकी है।
कलेक्टर डाॅ. जितेंद्र कुमार सोनी ने भी निरीक्षण किया। सीएमएचओ डाॅ. मेहराम महिया ने बताया कि ड्राई रन सुबह दस बजे शुरू हुआ, जो दोपहर एक बजे तक चला। ड्राई रन में लाभार्थी के लिए प्रतीक्षा कक्ष, टीकाकरण कक्ष व निगरानी कक्ष का मॉडल तैयार कर कोविड-19 वैक्सीन लगाने की रिहर्सल की गई। आरसीएचओ डाॅ. मुश्ताक अहमद ने बताया कि तीनों वैक्सीनेशन सैण्टर्स पर 25-25 लाभार्थियों को टीकाकरण के लिए चयनित किया गया था।
कलेक्टर ने किया निरीक्षण, 80 लाख वैक्सीन रखने की हाेंगी क्षमता
1. गेट पर गार्ड द्वारा आईडी कार्ड जांच होता है। लाभार्थी के पहचान दस्तावेजों का वैक्सीनेशन ऑफिसर द्वारा सत्यापन कर प्रवेश।
2. साॅफ्टवेयर पर प्रमाणित कर वैक्सीनेशन के लिए टीकाकरण कक्ष में भेजा वैक्सीनेटर ने डेमो पूर्ण किया। सॉफ्टवेयर में एन्ट्री की गई।
3. लाभार्थी को 30 मिनिट के लिए निगरानी कक्ष में वैक्सीनेशन ऑफिसर के द्वारा निगरानी में रखा गया। ताकि ऑब्जर्व हो सके।
4. टीका लगाने में लगने वाले समय एवं कोविन सॉफ्टवेयर में एन्ट्री करने में लगे समय का आकलन व साॅफ्टवेयर की प्रक्रिया को जांचा
हमारी तैयारी वैक्सीनेशन की 600,000 वैक्सीन कोल्ड चेन स्टोर में रख सकते है। 10% फीसदी टीम रिजर्व में रखी गई है। 2 ब्लॉक और 4 जिला स्तर पर
- 70 लाख दवा का होगा स्टोरेज
- 1834 स्टाफ वैक्सीन लगाएंगे
3 अहम जानकारी
- वैक्सीन लगने के 28 दिन बाद वापस आना होता है।
- मरीज को डॉक्टर का नंबर देते हैं, ताकि कोई दिक्कत हो तो फोन पर बता सकें।
- जो कोरोना वैक्सीन लगाई जाती है इसकी जानकारी भी स्टाफ को लाभार्थी को देनी है।
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