मंगलवार का दिन काेटा के लिए साल की सबसे बड़ी मंगलदायक खबर लेकर अाया। दैनिक भास्कर की मुहिम रंग लाई। प्रदेश सरकार ने 18 जनवरी से काेचिंग, स्कूल और काॅलेज खाेलने का फैसला लिया है। वहीं मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग और पैरा मेडिकल काॅलेज 11 जनवरी से खुल जाएंगे।
मंगलवार जयपुर में काे शिक्षा व चिकित्सा विभाग के अधिकारियाें की बैठक हुई। इसमें स्कूल, काॅलेज और काेचिंग खाेलने की संभावना तलाशी गई। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि चिकित्सा विभाग के अधिकारियाें ने चिंता जताई कि काेराेना के नए स्ट्रेन से पीड़ित लाेग बिहार और उत्तर प्रदेश में पाए गए हैं। अगर काेचिंग खाेलते हैं ताे वहां के बच्चे भी आएंगे। यदि एक भी संक्रमित बच्चा आ गया ताे स्थिति गंभीर हो जाएगी। हालांकि देर रात मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत ने शैक्षणिक संस्थान खाेलने की जानकारी दी।
दाेबारा पटरी पर आएगी कोटावासियों की अर्थव्यवस्था
काेटा के काेचिंग संस्थान पिछले 10 महीने से बंद हैं। काेचिंग स्टूडेंट्स के न आने की वजह से जिले के 2 लाख परिवार प्रभावित हैं। शहर में हर साल लगभग 1.65 लाख स्टूडेंट्स आते हैं। इनसे काेचिंग फीस के रूप में करीब 3 हजार कराेड़ रुपए मिलते हैं। वहीं एक स्टूडेंट का महीने का औसत खर्च 12 हजार भी मानेें ताे सालभर में हाॅस्टल, मैस और अन्य काराेबारियाें का करीब 2300 कराेड़ का काराेबार हाेता है। इस फैसले से कोटा की अर्थव्यवस्था दोबारा पटरी पर लौटेगी।
सरकार तक पहुंचाई थी कोटा की आवाज
ऑनलाइन सर्वे में देशभर के 25,343 लोगों ने दी थी अपनी राय।
संभाग के 14 विधायकों ने भी किया भास्कर की मुहिम का समर्थन।
भास्कर ने बताया-कोचिंग संस्थान कोविड प्रोटोकॉल के लिए तैयार।
देश-प्रदेश के 94 फीसदी लोग कोविड प्रोटोकॉल से कोचिंग खोलने के पक्ष में थे
काेटा की लाइफ लाइन बंद हाेने से शहर के 2 लाख परिवार सीधे ताैर पर प्रभावित हैं। भास्कर ने इन परिवाराें का दर्द समझते हुए काेचिंग बंद हाेने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इसमें कई लाेग ऐसे मिले जाे हाॅस्टल या मैस बंद हाेने की वजह से आर्थिक संकट से जूझ रहे थे।
कई लाेग ताे सब्जी या फास्ट फूड का स्टाॅल लगाने काे मजबूर थे। भास्कर ने शहर की राय जानने के लिए अब तक का सबसे बड़ा सर्वे कराया। इसमें 25,343 लाेगाें ने अपनी राय दी। 94 फीसदी लाेगाें का कहना था कि काेटा की अर्थव्यवस्था के लिए काेचिंग खुलना जरूरी है। वहीं 6 फीसदी लाेगाें का मानना है कि जब तक वैक्सीन नहीं आती काेचिंग बंद रहनी चाहिए।
कोचिंग संचालक बोले- अब कोटा रखेगा स्टूडेंट्स की सुरक्षा का ध्यान
कोचिंग संचालकों ने भास्कर की इस मुहिम को कारगर बताया है। एलन के डायरेक्टर नवीन माहेश्वरी ने कहा कि हम कोविड गाइडलाइन की पालना करते हुए क्लास शुरू करेंगे। रेजोनेंस के आरके वर्मा बोले कि स्टूडेंट्स की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। आकाश इंस्टीट्यूट के आकाश चौधरी ने कहा कि कोविड के बाद कोटा की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। कॅरियर प्वाइंट के प्रमोद माहेश्वरी ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। वहीं सर्वोत्तम के जितेंद्र चांदवानी, मोशन एजुकेशन के नितिन विजय, वाइब्रेंट के एमएस चौहान, न्यूक्लियस एजुकेशन के निदेशक सुरेंद्र मिश्रा, बंसल क्लासेज के समीर बंसल ने भी खुशी जताई है।
कॅरिअर सिटी पर अब केयर सिटी बनने की जिम्मेदारी
कोटा की सबसे बड़ी मांग आखिर सरकार ने मान ली। हालांकि इसके साथ ही शहरवासियों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। कॅरिअर सिटी कोटा को अब केयर सिटी बनना होगा। कोटा की जिम्मेदारी है कि देशभर से यहां आने वाले हर एक स्टूडेंट की सेहत का वह अपने बच्चे की तरह ध्यान रखे।
प्रशासन की भी जिम्मेदारी है कि एसओपी की पालना के लिए कोचिंग, होस्टल, मैस सहित इससे जुड़े हर सेक्टर की जवाबदेही तय करे। सब अपनी जिम्मेदारी समझ कर देश के सामने ऐसा उदाहरण पेश करें कि हर अभिभावक को ये विश्वास हो जाए कि कोटा में बच्चा सेफ है। लाॅकडाउन के दौरान 50 हजार स्टूडेंट्स को सुरक्षित उनके घर भेजकर कोटा पहले भी ऐसा कर चुका है।
जनप्रतिनिधियों ने भी भास्कर की मुहिम को सराहा
दैनिक भास्कर की मुहिम, सीएम और हम सभी के प्रयास रंग लाए हैं। काेटा से जिस तरह से बच्चाें काे सुरक्षित वापस उनके घराें तक पहुंचाया था, उससे काेटा के प्रति पेरेंट्स और स्टूडेंट्स का विश्वास बढ़ा है कि काेटा सेफ है। धीरे-धीरे वापस स्टूडेंट्स आएंगे और वापस काेटा पहले की तरह दाैड़ने लगेगा।
- शांति धारीवाल यूडीएच मंत्री
भास्कर की मुहिम इस पूरे मामले में मील का पत्थर साबित हुई। कोचिंग कितनी अहम है यह कोटावासी ही समझ सकते हैं।
- संदीप शर्मा, विधायक, कोटा दक्षिण
बीजेपी के सभी जनप्रतिनिधि लगातार इस मुद्दे को उठा रहे थे। भास्कर ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
- मदन दिलावर, विधायक, रामगंजमंडी
दक्षिण के महापौर राजीव अग्रवाल और उत्तर की मंजू मेहरा ने काेटा में काेचिंग खुलवाने के लिए यूडीएच मंत्री धारीवाल व दैनिक भास्कर का आभार जताया।
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