13 सरकारी कर्मचारी, व्यापारी और पेंटर का यह ग्रुप आय का एक प्रतिशत हिस्सा जरुरतमंदों की पढ़ाई के लिए देता है

(पंकज पारीक) 13 साथियों ने मिलकर जरुरतमंद स्टूडेंट्स की मदद के लिए एक अनाैखी पहल शुरू की है। इन्हाेंने तय किया वे जरुरतमंद स्टूडेंट्स काे प्रतियाेगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक सहयाेग करेंगे और यह सहायता तब तक जारी रहेगी जब तक वह नाैकरी नहीं लग गाए। मदद के लिए सभी ने मिलकर आय का एक प्रतिशत हिस्सा देने का तय किया है।

सहायता के लिए पहले अभ्यर्थी के रूप में इस ग्रुप ने 12वीं कक्षा में 80 फीसदी अंक लाकर अभी डीएलएड बीएसटीस कर रही राजी भील का चयन किया है। राजी काे डीएलएड की पढ़ाई के लिए पैसा देने के साथ-साथ उसकाे शिक्षक की नाैकरी के लिए प्रतियाेगी परीक्षा की तैयारी के लिए भी सहायता देंगे।इस ग्रुप ने इसे वन परसेंट डोनेशन फंड (ओपीडीएफ) नाम दिया है। राजी भील ने 10वीं में 70.17 प्रतिशत और 12वीं में 80 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।

सिंगोली राउमावि में पढ़ाने वाले स्कूल व्याख्याता शंभूलाल कुमावत को इस पहल का श्रेय जाता है। 13 साथियों के इस ग्रुप में दस सरकारी शिक्षक, एक पेंटर, व्यवसायी और एक पंचायत सहायक शामिल हैं। इन्होंने पिछले साल एक जून से आय का एक प्रतिशत हिस्सा देना शुरू किया। सभी के सहयाेग से एकत्रित हाेने वाली राशि से पर्यावरण के क्षेत्र में भी काम किया जाएगा।

ग्रुप में सहयाेग देने वालाें के अलावा 8 सदस्य अन्य भी

सभी साथियाें ने ग्रुप में दो तरह के सदस्यों को जोड़ा हैं। एक वे जो तन, मन और धन के साथ योगदान करते हैं। दूसरा, जिनके पास समय है लेकिन धन के अभाव में अर्थ योगदान नहीं कर सकते हैं। समय के रूप में सहयाेग करने वाले आठ अन्य मित्राें काे भी इस ग्रुप में जाेड़ा गया है। इनमें ओमप्रकाश शर्मा, शंभूलाल कुमावत, छोटूलाल खटीक, राजकुमारी रेबारी, सुभाषचंद्र कालुवा, कैलाशचंद्र जाट, सुमन जीनगर, मुश्ताक अली, श्यामलाल धाकड़ शामिल हैं।

काेराेना काल में याद आया कि जरुरतमंदाें की मदद करनी चाहिए

सिंगाेली के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में हिंदी साहित्य पढ़ाने वाले शंभूलाल कुमावत ने बताया कि सात साल पहले नौकरी लगी तभी से उस समय से ऐसा विचार चल रहा था लेकिन उस समय हम सभी साथियाें की पारिवारिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी।

कोरोना काल में सेवा का भाव जगा ताे बाकी साथी शिक्षकों और अन्य मित्रों से चर्चा की। चर्चा करते-करते यह तय किया गया कि सभी अपने वेतन और आय का एक प्रतिशत हिस्सा हम जरुरतमंद ग्रामीण स्टूडेंट्स के लिए देंगे।

मेधावी जरुरतमंद विद्यार्थी से लेंगे शपथ पत्र- सफल होने के बाद आप भी करेंगे योगदान

फिलहाल राजी भील की मदद शुरू की है। उसे बीएसटीसी कराने के बाद कोचिंग कराएंगे। उसका खर्चा उठाएंगे। इसके साथ ही शपथ पत्र लेंगे कि नौकरी लगने के बाद वे भी इस अभियान में जुड़कर सहयोग करें। ताकि किसी अन्य जरूरतमंद मेधावी स्टूडेंट का भी फायदा हो सके।



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This group of 13 government employees, businessmen and painters contribute a percentage of income to the needy.


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