बयाना में बनेगा और एक 132 केवी का बिजलीघर, जमीन देखी

बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर बीते दिनों कस्बे के बिजलीघर परिसर में लगातार तीन दिन तक चले किसान आंदोलन का असर दिखने लगा है। आंदोलन के दौरान हुई समझौता वार्ता को लेकर डिस्कॉम प्रशासन इलाके के बिजली तंत्र को मजबूत करने की कवायद में जुट गया है। इसके लिए डिस्कॉम प्रशासन द्वारा नहरा क्षेत्र में एक नए 132 केवी जीएसएस का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को बिजली विभाग के डिस्कॉम व प्रसारण के अधिकारियों ने बयाना के नहरा क्षेत्र में जमीन तलाशी।

जमीन देखने के दौरान प्रसारण निगम के अधीक्षण अभियंता एल.के. शर्मा, छोंकरवाड़ा अधिशासी अभियंता आर.के. मीणा, डिस्कॉम के बयाना अधिशासी अभियंता डी. के. गुप्ता, बयाना सहायक अभियंता विवेक शर्मा सहित सरपंच व ग्रामीण मौजूद रहे। गौरतलब है कि नहरा क्षेत्र में 132 केवी जीएसएस निर्माण के लिए पूर्व में नहरा क्षेत्र के आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के सरपंच व जनप्रतिनिधि भी स्थानीय विधायक व राज्यमंत्री भजनलाल जाटव, ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला ऊर्जा सचिव दिनेश कुमार से भी मिले थे।

जल स्तर नीचे, कनेक्शन की संख्या बढ़ रही: गंभीर नदी में पानी कम आने के कारण नहरे क्षेत्र में जहां जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है वहीं विद्युत कनेक्शनों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है। चूंकि नहरे क्षेत्र में 5 बिजलीघरों कलसाड़ा, समोगर, नहरौली, बागरेन, महरावर की बिजली आपूर्ति वर्तमान में 132 केवी बयाना से निकल रहे 33 केवी फीडर बागरेन से दी जा रही है। बागरेन फीडर की कुल लंबाई लगभग 50 किलोमीटर है। वहीं बागरेन लाइन पहाड़ से होकर गुजर रही है। इसलिए लाइन के फॉल्ट होने की संभावना भी ज्यादा बनी रहती है।

साथ-साथ लाइन के फॉल्ट होने की स्थिति में पहाड़ पर लाइन गुजरने से डिस्कॉमकर्मियों को कड़ी मेहनत लाइन के फॉल्ट को हटाकर लाइन दुरुस्त की जाती है। बरसात या आंधी- तूफान या फसल के रबी सीजन में अधिक लोड होने के कारण लाइन ज्यादा फॉल्ट होती है। इस कारण भी समस्या ज्यादा है। नहरे क्षेत्र में बढ़ रहे लोड को ध्यान में रखते हुए 132केवी जीएसएस की आवश्यकता है। जिस को ध्यान में रखते हुए स्थानीय डिस्कॉम अधिकारियों द्वारा 132 केवी जीएसएस का प्रस्ताव भेज दिया गया है।

जिसके बाद डिस्कॉम व प्रसारण बिजली कंपनियों के अधिकारियों द्वारा संभावित जमीन देखी गई। नहरा क्षेत्र में मौजूद सरकारी जमीनें समतल नहीं है। इस कारण भी जमीन चिन्हित करने में मुश्किल आ रही है। शुक्रवार को अधिकारियों द्वारा नहरा इलाके के गांव महरावर, अलापुरी, कटकर, चीख़रु, पीपर्रा, बागरेन, नगला मनका व मांगरेन में संभावित जमीनें देखी। डिस्कॉम अधिकारियों के अनुसार 132 केवी जीएसएस के लिए सड़क परिवहन व जमीन का समतल होना आवश्यक है।

क्योंकि 132 केवी बिजलीघर के लिए बड़े भारी विद्युत यंत्र को लगाने व लाने ले जाने की आवश्यकता होती है। 132 केवी जीएसएस के नहरा क्षेत्र में जरूरत को समझते हुए नहरे क्षेत्र के सरपंच व जनप्रतिनिधियों द्वारा राज्य मंत्री श्री भजन लाल जाटव से मिले हैं 132 केवी जीएसएस की मांग को लेकर राज्य मंत्री भजनलाल जाटव, ऊर्जा मंत्री बी.डी. कल्ला व ऊर्जा सचिव दिनेश कुमार से मिले है।

^नहरा क्षेत्र में बढ़ते विद्युत भार को देखते हुए 132 केवी जीएसएस का प्रस्ताव भेजा गया था। जीएसएस के लिए प्रसारण व डिस्कॉम अधिकारियों द्वारा जमीन देखी जा रही है। बिजली कंपनी के चीफ इंजीनियर (सिविल) मौका मुआयना कर उचित जमीन को फाइनल करेंगे। वर्तमान में नहरा क्षेत्र का विद्युत भार 30 मेगावाट है।
विवेक शर्मा, सहायक अभियंता डिस्कॉम बयाना



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Built in Bayana and saw a 132 KV power station, land


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