पुलिस मुकदमे की जगह राजीनामे के लिए डाल रही थी दबाव,11 माह में नहीं की कोई कार्रवाई,चैयरमैन को कल बताएगें अपनी पीड़ा

लॉयन न्यूज,बीकानेर। मानव अधिकारो के हनन के मुद्दे को लेकर “लॉयन एक्सप्रेस” एक बार फिर सामाजिक सरोकारो से जुड़ा मुद्दा उठा रहा हैं। अगर आपके साथ भी मानव अधिकारों का हनन हुआ है तो हमें बताएं।
ऐसा ही एक और मामला सामने आया है बीकानेर के गंगाशहर थाने से जुड़ी। जहां पर करीब एक साल मुकदमा किए हो जाने के बाद भी आज तक प्रार्थी को न्याय नहीं मिला हैं। बीते एक साल से लगातार प्रार्थी के मानव अधिकारों का हनन हो रहा हैं। इस सम्बंध में द्वारका प्रसाद जांगिड़ ने बताया कि 24 जनवरी 2020 को उसके वर्कशॉप से सामान टैक्ट्ररों में भर कर ले जा रहे थेें।

इसी बात को लेकर जब जांगिड़ थाने पहुंचा और थानाधिकारी को सारी बात बताई तो थानाधिकारी ने टाल मटोल करते हुए देर रात थाने से दो सिपाहियों को प्रार्थी के साथ भेजा। लेकिन दोनो सिपाहियेां ने खाना पूर्ति कर प्रार्थी को सुबह थाने आने का बोलकर घर भेज दिया। अगले दिन जब प्रार्थी थाने गया तो मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

इस दोरान प्रार्थी कई दिन तक मुकदमे के लिए चक्कर निकालता रहा। जिसके बाद 13 फरवरी 2020 को गंगाशहर थाने से राजीनामें के लिए फोन आया और कहा कि आपको सामान नहीं मिलेगा। इस दोरान प्रार्थी को धमकियां भी दी गयी।

जिसके बाद 17 फरवरी को मुकदमा दर्ज किया गया। करीब 11 माह गुजरने के बाद भी पुलिस ने अभी तक ना तो कोई सामान की बरामदगी की है और ना ही किसी को गिरफ्तार किया हैं। वहीं आरेपियों द्वारा जान से मारने की धमकी भी दी जा रही हैं। जिससे प्रार्थी जांगिड़ के मानव अधिकारों का हनन हुआ हैं।

जांगिड़ अब अपने सामान की बरामदगी करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने और इस कार्रवाई मे लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर कल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष से मिलकर अपनी पीड़ा बताएगेें।

Related Posts



टिप्पणियाँ