10वीं-12वीं की परीक्षाओं की तैयारी शुरू, बड़े कमरों में 24, छोटे में 12 बच्चे बैठ सकेंगे

सीबीएसई की ओर से 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं मई में करवाने की घाेषणा से अभिभावकों एवं बच्चाें की चिंताएं अब खत्म हाे चुकी हैं। स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों ने परीक्षाएं 4 मई से करवाने की सराहना करते हुए इसे एक संतुलित निर्णय बताया है।

काेराेना वायरस के कारण असमंजस की स्थिति के बाद कक्षाएं न चलने और केवल ऑनलाइन पढ़ाई होने के कारण अभिभावकों व छात्राें दोनों में यह जिज्ञासा थी कि कहीं परीक्षा भी ऑनलाइन ही न हो लेकिन सरकार ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि परीक्षा ऑनलाइन नहीं होगी।

आपकाे बता दें कि जिलेभर में सीबीएसई के करीब 70 से अधिक स्कूल संचालित हाे रहे हैं। इन स्कूलाें में 10वीं में 3000 और 12वीं में 3500 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। आपकाे बता दें कि हर साल बाेर्ड की परीक्षाएं फरवरी माह में शुरू हाे जाती थी। लेकिन इस बार बाेर्ड की परीक्षाएं मई में आयाेजित हाेंगी।

इसकी बड़ी वजह काेराेना वायरस है। इस बार परीक्षाओं के लिए केंद्राें की संख्या में भी बढ़ाेतरी की जाएगी। इसके लिए बाेर्ड ने सभी जिलाें से सूचनाएं मांगी हैं। इसके अलावा छाेटे कमराें में 12 और बड़े हाॅल में 24 विद्यार्थियाें काे बैठाकर परीक्षाएं दिलवाई जाएंगी।

विद्यार्थियों काे मार्गदर्शन के लिए स्कूल में बुला रहे

सीबीएसई काेआर्डिनेटर व गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य एमएस विग ने बताया कि परीक्षाओं की तारीखाें की घाेषणा के बाद से अभिभावकाें की जिज्ञासाएं शांत हुई हैं। अब विद्यार्थियाें काे अपनी तैयारी काे पूरा करने का और माैका मिल गया है। वहीं, विद्यार्थियाें काे मार्गदर्शन के लिए अभिभावकाें की अनुमति के बाद स्कूल बुलाया जा रहा है।

इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से लगातार अध्ययन करवाया जा रहा है। उन्हाेंने बताया कि बाेर्ड ने विद्यार्थियाें का सिलेबस 30 प्रतिशत कम कर पहले ही राहत प्रदान कर दी थी। अब परीक्षाएं मर्ई में हाेने से विद्यार्थियाें काे अपनी परीक्षा की तैयारी करने में काफी मदद मिलेगी।

तनाव कम करने के लिए विद्यार्थियाें की करवाई जा रही है काउंसलिंग

शहर के कई स्कूलाें के शिक्षकाें द्वारा विद्यार्थियाें में परीक्षा का तनाव कम करने के लिए अलग-अलग तरह से काम किया जा रहा है। आपकाे बता दें कि कुछ शिक्षक विद्यार्थियाें में तनाव हटाने के लिए उनकाे अलग-अलग समय पर बुलाकर उनकी काउंसलिंग की जा रही है।

इसके अलावा विद्यार्थियाें काे परीक्षाओं के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें और अच्छे अंक हासिल कर सकें। शिक्षकाें का कहना है कि काेराेना के चलते परीक्षाओं की तिथि घाेषित नहीं हाेने से बड़ी संख्या में विद्यार्थी तनाव में आ गए थे। अब परीक्षा तिथि की घाेषणा हाेने से विद्यार्थियाें काे काफी फायदा मिलेगा।

यह बोले अभिभावकगण

मई तक सरकार वैक्सीन भी लगवा सकती है

शंकर काॅलाेनी निवासी अभिभावक रमेश कुमार ने बताया कि मेरा बेटा 12वीं में है। मुझे इस बात की चिंता थी कि यदि परीक्षा फरवरी से होती है तो उसे काफी परेशानी होगी। हमें यह भी डर था कि फरवरी तक पता नहीं कोरोना समाप्त होगा कि नहीं। अब मई में परीक्षा होगी तब तक सरकार छात्रों को वैक्सीन भी लगवा सकती है। इससे हमारी चिंता कम हुई है।

जुलाई में परिणाम आने से परेशानी नहीं हाेगी

पूजा काॅलाेनी सेकंड में रहने वाले अभिभावक निशा गुप्ता ने कहा कि मेरी बेटी 12वीं साइंस की छात्रा है। बाेर्ड की परीक्षा अब मई में होने और जुलाई में परीक्षा परिणाम आने से कोई परेशानी नहीं है। लॉकडाउन और बाद में ऑनलाइन पढ़ाई के कारण बेटी की बेहतर पढ़ाई नहीं हो पाई है। ऐसे में अब मई में परीक्षा होगी तो बेटी को पढ़ने के लिए पर्याप्त समय मिल गया है।



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Preparation for 10th-12th examinations begins, 24 children in large rooms, 12 children in small ones will be able to sit


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