जयपुर-आगरा हाइवे जाम की चेतावनी दी थी, भीड़ नहीं जुटा सके आंदोलनकारी

किसान आंदोलन संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले सेवर-उच्चैन तिराहे पर चल रहा पड़ाव रविवार को छठे दिन भी जारी रहा। इधर, आंदोलनकारी किसानों द्वारा सांकेतिक रूप से चक्का जाम किया गया जो औपचारिक ही रहा। पड़ाव स्थल पर दोपहर 12 बजे तक बमुश्किल 100 आंदोलनकारी ही एकत्रित हो पाए।

इधर, आंदोलनकारी नेताओं ने आरोप लगाया कि एक कांग्रेस विधायक ने किसानों पर दबाव बनाया जिससे लोग पड़ाव में शामिल नहीं हो सके। इस मौके पर वक्ताओं ने पड़ाव स्थल पर ही केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानून को काला कानून बताते हुए सरकार से इस कानून को वापस लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक ये कानून वापस नहीं लिए जाएंगे महापड़ाव जारी रहेगा।

इस मौके पर मनुदेव सिनसिनी ने एक कांग्रेस विधायक पर उनका नाम लिए बगैर आरोप लगाया कि वे किसान आंदोलन को विफल बनाने के लिए लोगों को पड़ाव स्थल पर आने से रोक रहे हैं। इतना ही नहीं विधायक द्वारा पुलिस पर दबाव बनाकर उपस्थित लोगों को धमकाने का प्रयास किया है।

यदि आंदोलनकारी लोगों को डराने या भ्रमित करने की कोशिश की तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे। नरेंद्र चौधरी ने कहा कि क्या राजस्थान की गहलोत सरकार भी किसान विरोधी है, जो उनके अधिकारी अलोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रहे हैं।



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Jaipur-Agra highway was warned of jam, agitators could not mobilize


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