कोरोना ने सबकुछ बदला, हमें भी बदलने ही होंगे सीखने-सिखाने के तौर-तरीके : अपर्णा

स्कूल शिक्षा की प्रमुख शासन सचिव अपर्णा अरोड़ा ने सोमवार को राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (आरएससीईआरटी) सभागार में शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने शाला दर्पण में संभाग की जानकारी अपडेशन में अव्यवस्था को लेकर चिंता जताई।

विभागीय अधिकारी के जवाब से भी असंतुष्ट दिखीं। बैठक में शासन सचिव अरोड़ा ने शाला दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध कंटेंट के बारे में जानकारी चाही, जिसका संभाग के कई डीईओ के पास जवाब नहीं था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार इस पोर्टल को शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बनाया गया है। पोर्टल पर मौजूद ई-कंटेट को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि कोरोनाकाल में उन्हें घर बैठे ही पढ़ाई हो सके। सभी शिक्षाधिकारियों को इसकी मॉनिटरिंग के लिए भी सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचल में कनेक्टिविटी के चलते स्वाभाविक तौर पर समस्या है। लेकिन शिक्षक-पीईईओ अॉफिस में इंटरनेट का इस्तेमाल कर शाला दर्पण पर जानकारी अपडेट कर सकते है। राज्य के इस पोर्टल पर राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। जरूरी है कि विभाग शाला दर्पण पर भी काम करे। प्रमुख शासन सचिव ने पीईईओ में खाली पड़े पदों की जानकारी ली। महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल के संचालन और खाली पड़े पद, समसा के निर्माण कार्यों, कंप्यूटर लेब, पुस्तकालयों की उपयोगिता, खेल मैदानों के विकास, विवेकानंद मॉडल स्कूल सहित विभिन्न विषयों पर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने आरटीई के स्कूलों पर कड़ी नज़र रखने और किसी भी स्तर पर गलत सूचना को प्रमाणित नहीं करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को वागड़ और हिन्दी के माध्यम से अंग्रेजी भाषा के शिक्षण के उद्देश्य से डूंगरपुर के तत्कालीन कलक्टर पीसी किशन की ओर से तैयार की गई पुस्तक ‘वागड़ बंधु’ की भी तारीफ की।

कहा कि ऐसी पुस्तकें स्कूलों में होने से विद्यार्थी आसानी से स्थानीय बोली के माध्यम से अंग्रेजी सीख सकता है। इस पुस्तक के पुनः प्रकाशन के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के चलते इस सत्र का संचालन नहीं हो पाया है। इस वक्त अध्यापन को लेकर शिक्षकों के सामने भी कई चुनौतियां है। अध्यापन के लिए ई-कंटेट उपलब्ध है, लेकिन अंचल में कनेक्टिविटी की समस्या है। ऐसे में सभी संस्थाप्रधान और शिक्षक संबंधित विद्यार्थियों-अभिभावकों के घर जाकर और फोन के जरिए लगातार संपर्क बनाएं रखें, ताकि उन्हें वह स्कूल से जुड़े रहे। इन स्थितियों को देखते हुए सीखने-सिखाने के तौर-तरीके भी बदलने की जरूरत है।

निदेशक ने रिपोर्ट कार्ड के साथ पेश की आगामी कार्ययोजना
इस दौरान आरएससीईआरटी निदेशक प्रियंका जोधावत ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने लर्निंग आउटकम को सुधारने की दिशा में चल रही योजना भी की जानकारी दी। निदेशक ने एकेडमिक के क्षेत्र में एससीईआरटी को एजुकेशन हब बनाने की योजना के लिए बन रहे कामों की भी जानकारी दी। निदेशक ने नई शिक्षा नीति के संबंध में किए जा रहे परिषद के कार्यों के बारे में भी जानकारी दी। शाला दर्पण सहित विभिन्न विषयों में सुधार के लिए सभी शिक्षाधिकारियों के लिए संभाग स्तरीय ऑनलाईन कार्यशालाएं भी होगी।



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उदयपुर. स्कूल शासन सचिव ने ली संभागीय अधिकारियों की बैठक।


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