भाजपा मंडल अध्यक्ष की मां ने पूर्व उप जिला प्रमुख की पुत्रवधू को हराया, धनेत में भाटी दंपती का दबदबा

पंचायतीराज में कांग्रेस की बुरी गत से कई जगह उसके प्रधान पद के दावेदार और बड़े उम्मीदवार तक चुनाव हार बैठे। सिर्फ कपासन पंस में ही भैरूलाल चौधरी लगातार दूसरी बार प्रधान बनने की स्थिति में आ पाए।
पंस सदस्य पद पर भूपालसागर में पूर्व प्रधान सुभाषसिंह राणावत, भदेसर में पूर्व प्रधान गोविंदसिंह शक्तावत की पत्नी और दामाद, चित्तौड़गढ़ में पूर्व उप जिला प्रमुख और सरपंच जनकसिंह की पुत्र वधू और जिप सदस्य मोहनसिंह भाटी की पत्नी चुनाव हार गई। ये सब प्रधान के दावेदार थे।

अन्य दावेदारों में निम्बाहेड़ा में मंत्री उदयलाल आंजना के भाई मनोहरलाल और बड़ीसादड़ी में पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी के पुत्र राजा कड़े संघर्ष में जीत गए, लेकिन पार्टी बहुमत से दूर रही। सिर्फ कपासन के भैरूलाल चौधरी ही ऐसे नेता है, जो लगातार दूसरी बार धान बनने की स्थिति में भी है। हालांकि उनकी भी पत्नी चुनाव हार गई। इधर, चित्तौड़गढ़ की प्रतिष्ठापूर्ण आवंलहेडा-घोसुंडी सीट से भाजपा बस्सी मंडल अध्यक्ष भंवरसिंह खरडीबावड़ी की मां लाडकंवर ने कांग्रेस के पूर्व उप जिला प्रमुख जनकसिंह की पुत्र वधू को 1232 मतों से हराया। धनेत सीट पर पूर्व मंडल अध्यक्ष सरपंच रणजीतसिंह भाटी की पत्नी देवेंद्र कंवर भी 873 वोट से जीती। यहां पंस सदस्य व सरपंच पद पर लगातार इस दंपती का दबदबा बना हुआ है। विजयपुर-अमरपुरा में 710 तो नगरी-सेमलपुरा सीट पर मात्र 9 वोट से हार-जीत भी चर्चा में रही। कांग्रेस नेता मोहनसिंह भाटी की पत्नी भी 72 वोट से ही हारी। चित्तौड़ में प्रधान पद महिला आरक्षित है।

भाजपा की प्रधान दावेदार सुशीला: भदेसर में बड़े अंतर से जीती तो राशमी में बहुमत के बाद भी खुद हार गईं
भाजपा ने सुशीला नाम की दो महिला नेत्रियों को दो जगह प्रधान का चेहरा बनाकर मैदान में उतारा था। भदेसर पंस के वार्ड नंबर.. से विधायक चंद्रभानसिंह आक्या की पत्नी सुशीलाकंवर करीब 1500 मतों के भारी अंतर से जीती। यहां 15 में से 13 सीटें भाजपा ने जीती। प्रधान पद महिला रिजर्व है। राशमी में भाजपा ने 15 में से 9 सीटें जीत ली लेकिन विधायक अर्जुनलाल जीनगर की भ्राता बहू पूर्व जिला प्रमुख सुशीला जीनगर चुनाव हार गई। जो प्रधान पद की प्रबल दावेदार थी। भूपालसागर में भी भाजपा बहुमत में आई पर उसके प्रधान दावेदार व पूर्व उपप्रधान भीमसिंह झाला चुनाव हार गए।

60 साल में पहली बार बेगूं में कांग्रेस की करारी हार, सिर्फ एक सीट मिली
बेगूं| पंचायत समिति चुनाव में 15 में से सिर्फ एक सीट दुगार-ईटावा पर काली बाई ने जीतकर कांग्रेस की लाज बचाई। 14 सीट भाजपा ने जीती। पिछले 60 साल में पहली बार कांग्रेस को ऐसी करारी हार मिली।वार्ड 2 दुगार-इटावा सीट पर कांग्रेस की कालीबाई 432 वोट से जीती। भाजपा में जीत का जश्न मनाया। बस स्टैंड, लालबाई-फूलबाई चौक जगह कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और आतिशबाजी की। वार्ड 14 से कांग्रेस प्रत्याशी सामरिया की पूर्व सरपंच प्रेमदेवी को 881 वोट मिले। सर्वाधिक वोटों से इस सीट पर भाजपा की रामू देवी 2016 वोटों से विजयी हुईं। वार्ड एक के भाजपा प्रत्याशी गोटूलाल सबसे कम 29 वोटों से जीते। वार्ड 13 शादी-आंवलहेड़ा सीट पर तीन प्रत्याशियों के चुनाव मैदान में होने के बावजूद भाजपा प्रत्याशी घनश्याम धाकड़ 1568 वोटों से जीते।


मां सरपंच, अब बेटा पंचायत समिति सदस्य
ठुकराई सरपंच संतोष देवी जैन के पुत्र भाजपा प्रत्याशी संजय जैन 1157 वोट से जीते। संजय जैन पंचायत समिति के वार्ड 12 ठुकराई-रावड़दा सीट से चुनाव जीते हैं।



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Mother of BJP Mandal president defeated daughter-in-law of former Deputy District Head, Bhati couple dominates in Dhanet


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