आईआईटी जोधपुर में देश का पहला सुपर कंप्यूटर-लैब, अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च का बड़ा केंद्र होगा
आईआईटी जोधपुर में टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन हब शुरू होगा। इसके लिए केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने 115 करोड़ रुपए का फंड देने की स्वीकृति जारी कर दी है और इसमें से 10 करोड़ का फंड मिल भी चुका है। इतना ही नहीं आने वाले समय में आईआईटी जोधपुर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च का प्रमुख केंद्र बनेगा।
यहां देश का पहला एआई सुपर कंप्यूटर स्थापित हो चुका है। 115 करोड़ का फंड इंस्टीट्यूट को नेशनल मिशन ऑन इंटरडिसिप्लीनरी साइबर फिजिकल सिस्टम के तहत मिला है। इस फंड से आईआईटी जोधपुर में इनोवेशन हब ऑन कंप्यूटर विजन एंड ऑगमेंटेड एंड वर्चुअल रियलिटी स्थापित होगा।
जोधपुर के अलावा देशभर में कुल 25 टेक्नोलॉजी हब स्थापित किए जाने हैं। आईआईटी की ओर से इस हब को आईहब दृष्टि नाम दिया गया है। इस हब में रिसर्च वर्क के लिए 5 अलग-अलग विषयों का भी चयन किया गया है। यहां भारत, विदेशी एकेडमिक एवं इंडस्ट्रियल साझेदारों के साथ प्रॉडक्ट्स एवं प्रोसेस पर रिसर्च करेगा। इससे स्टार्टअप इकोसिस्टम को मदद मिलेगी। आईआईटी के डायरेक्टर प्रो. शांतनु चौधरी ने बताया कि इस हब का प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रो. मयंक वत्स को बनाया गया है।
यह हब स्टेट ऑफ आर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधाएं उपलब्ध करवाएगा। पांच साल में यह तकनीकी आविष्कारों, कंप्यूटर विजन और ऑगमेंटेड रियलिटी व वर्चुअल रियलिटी की प्रमुख एजेंसी बनेगा।
टेक्नोलॉजी हब में इन पांच विषयों पर होगा काम
बायो एंड मेडिकल इमेजिंग फॉर हैल्थकेयर
इसके तहत एक्सरे, रेडियोग्राफी व मेडिकल के अन्य पहलुओं से जुड़ी रिसर्च की जाएगी। उदाहरण के तौर पर रेडियोलॉजी का काम ज्यादा है, लेकिन संसाधन कम, इस लोड को कम कैसे किया जा सकता है इस पर रिसर्च होगी।
कंप्यूटर विजन फॉर ऑटोनॉमस सिस्टम
इसके तहत कैमरा बेस्ड रिसर्च वर्क किए जाएंगे। जैसे सिटी मॉनिटरिंग सिस्टम, गाड़ियों की कैमरे से मॉनिटरिंग, साइबर सिक्योरिटी आदि पर काम होगा।
इंटेलिजेंट मल्टीमीडिया फॉर डिजिटल लर्निंग
ऑनलाइन सिस्टम से जुड़ी रिसर्च इसका हिस्सा होगी। उदाहरण के तौर पर कोविड में एजुकेशन व अन्य काम ऑनलाइन हो रहे हैं। ऐसे में स्कैनिंग, ऑनलाइन क्लास, सर्चिंग फ्रॉम वीडियो आदि से जुड़ी रिसर्च इसके तहत की जाएगी।
एआई ड्रिवन ऑगमेंटेड एंड वर्चुअल रियलिटी एप
वर्चुअल वर्ल्ड से जुड़ी कई रिसर्च इस सब्जेक्ट के तहत की जाएंगी। जैसे वर्चुअल टूर्स, किसी भी स्थान या वस्तु के पुराने स्वरूप से जुड़ा वर्चुअल रूप व ऐसी ही अन्य रिसर्च।
कंप्यूटर विजन एंड एआर,वीआर फॉर इंडस्ट्री 4.0
इंडस्ट्री के डेवलपमेंट के लिए रिसर्च कैसे प्रोडक्शन को बढ़ा सकती है, ऑटोमैटिक विजन बेस्ड सिक्योरिटी, प्रॉडक्शन व प्रॉडक्शन प्रोसेस को आसान करने जैसे विषयों से जुड़ा रिसर्च वर्क यहां होगा।
लक्षणों के आधार पर एक्सरे, एमआरआई बना देगी लैब
एआई लैब मेडिकल क्षेत्र में नई संभावनाओं की उम्मीद जगाती है। आईआईटी के डायरेक्टर प्रो. शांतनु चौधरी ने बताया कि एआई लैब साइंस, कॉमर्स और रोजाना के कामों से लेकर विशेष कामों में उपयोगी होगी। उदाहरण के तौर पर इलाज के दौरान यदि एआई लैब के जरिए पहले ही सभी लक्षणों के अनुसार डेटा फीड कर दें तो यह मरीजों के एक्सरे, एमआरआई की रिपोर्ट तक बना कर दे देगी।
सुपर कम्प्यूटर : सामान्य से 20 लाख गुना अधिक क्षमता
सामान्य कंप्यूटर से करीब 20 लाख गुना अधिक क्षमता वाला एआई सुपर कंप्यूटर आईआईटी में पूरी तरह से वर्किंग में आ चुका है। इसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। इसके लिए अमेरिकी कंपनी एन-वीडिया से आईआईटी जाेधपुर ने करार किया था। कंप्यूटर स्थापित होने के बाद संबंधित कंपनी की टीम ने आईआईटी की फैकल्टी व स्कॉलर्स को इस संबंध में ट्रेनिंग भी दी है।
मेडिकल, साइबर-एजुकेशन में एआई कंप्यूटर का फायदा
एआई से जुड़ी एप्लीकेशन को रन करने से पहले उसे एक हार्डवेयर के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाता है। इन एप्लीकेशन को प्रशिक्षित करने में दूसरे हार्डवेयर हफ्ते व महीने लगा देते हैं, लेकिन एआई सुपर कंप्यूटर चंद घंटों में ही प्रशिक्षित कर देगा। इसका उपयोग फार्मिंग, मेडिकल, एजुकेशन और साइबर के अलावा हर उस सिस्टम में होगा, जिसमें ऑटोमैटिक काम किया जाता है। वहीं इस कंप्यूटर के यहां लगने से यहां के कंप्यूटर साइंस के स्टूडेंट्स व स्कॉलर्स इस पर काम करने का अनुभव लेने लगे हैं।
कैंपस में शुरू की गई सैमसंग की एआर-वीआर लैब
आईआईटी में हाल में सैमसंग की ऑडियो रियलिटी व वीडियो रियलिटी यानी एआर-वीआर लैब भी स्थापित की गई है। आईआईटी के डिप्टी रजिस्ट्रार अमरदीप शर्मा ने बताया कि यह लैब स्टूडेंट्स को एआर-वीआर से रूबरू करवाने के साथ मौजूदा इंडस्ट्रीज की जरूरत के अनुसार संबंधित विषयों पर मदद करेगी। लैब में बीटेक, एमटेक व पीएचडी स्टूडेंट्स के लिए कोर्स संचालित होंगेे। लैब में स्टूडेंट्स को इंडस्ट्रियल डिजाइन, रोबोटिक, इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट आदि से जुड़ी नॉलेज मिलेगी।
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