सोमवती अमावस्या में सराेवर में लगाई डुबकी, दिवंगत पूर्वजों की आत्मशांति के लिए तर्पण

सोमवार को सोमवती अमावस्या के पावन मौके पर पुष्कर सरोवर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। दिवंगत पूर्वजों की आत्मशांति के लिए तर्पण व पिंडदान किया। कोरोना संक्रमण व सर्दी के चलते श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। सोमवती अमावस्या के मौके पर पुष्कर सरोवर में स्नान कर दान-पुण्य करने का विशेष धार्मिक महत्व है। सोमवार को सुबह ब्रह्म मुहूर्त के साथ स्नान आरंभ हुआ। तेज ठंड के कारण सुबह दस बजे तक घाटों पर सन्नाटा पसरा रहा।

ब्रह्म मुहूर्त में स्नान आरंभ हुआ, घाटों पर रही चहल-पहल

कुछ प्रमुख घाटों पर केवल हरिद्वार से अस्थियां विसर्जन कर लौटे शोकाकुल परिवार ही नजर आए। सुबह 10 बजे बाद मुख्य गऊघाट, ब्रह्म घाट, वराह घाट पर श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ी। तीर्थ पुरोहितों को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद थी। स्नानार्थियों ने सरोवर में स्नान के बाद सरोवर की परिक्रमा लगाई तथा ब्रह्मा मंदिर के दर्शन कर दान-पुण्य किया। काफी श्रद्धालुओं ने तीर्थ पुरोहितों के सानिध्य में तर्पण कर पितरों की आत्मशांति के लिए कामना की।



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Dip at Saraver on Somavati Amavasya, a sacrifice for the souls of the departed ancestors


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