जिले की आठ नगरपालिकाओं में अध्यक्ष बनाने के लिए भाजपा व कांग्रेस में जोड़ तोड़ तेज हो गई है। दोनों पार्टियों की ओर से सोमवार को नामांकन के पहले दिन अध्यक्ष पद के लिए किसी उम्मीदवार की तरफ से नामांकन जमा नहीं करवाया गया।
मंगलवार को नामांकन दोपहर 3:00 बजे नामांकन जमा करवाने का अंतिम समय है। सभी नामांकन मंगलवार को ही जमा होंगे। सोमवार को बाड़ेबंदी में दूसरे दिन पार्टियों ने पार्षदों से विचार-विमर्श कर अध्यक्ष पद का उम्मीदवार तय करने की मशक्कत की।
भाजपा के संभाग चुनाव प्रभारी माधोराम चौधरी और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने फीडबैक लिया। दोनों पार्टियों ने कुछ पालिकाओं के पार्षदों की बाड़ेबंदी बीकानेर व हनुमानगढ़ जिले में भी शिफ्ट कर दी है। बहरहाल, सोमवार देर रात तक दोनों ही पार्टियों में माथापच्ची चल रही थी और एक भी पालिका में अध्यक्ष पद के नाम पर कोई सहमति नहीं बन पाई थी।
अब अध्यक्ष पद के लिए मंगलवार को ही पत्ते खोले जाएंगे। माना जा रहा है कि पार्षदों में असंतोष टालने के लिए अंतिम समय से कुछ समय पहले ही नाम घोषित किए जाएंगे। रोचक यह भी है कि कांग्रेस व भाजपा ज्यादा से ज्यादा पालिकाओं में अपना बोर्ड बनाने की कोशिश में जुटी हैं।
भाजपा व कांग्रेस पार्षदों को बाड़ेबंदी में बीकानेर और हनुमानगढ़ लेकर पहुंची
भाजपा को अनूपगढ़ नगरपालिका में स्पष्ट बहुमत मिला है। रायसिंहनगर व सादुलशहर में पार्टी के चुनाव चिन्ह पर जीते पार्षदों के अलावा निर्दलीयों का समर्थन होने से भाजपा के बोर्ड बनना तय है। फिर भी पार्टी आठों नगरपालिकाओं में अध्यक्ष बनाने के लिए प्रयासरत है। कांग्रेस को चार पालिकाओं-पदमपुर, श्रीकरणपुर, केसरीसिंहपुर और गजसिंहपुर में स्पष्ट बहुमत मिला है।
इन पालिकाओं के अलावा कांग्रेस अनूपगढ़ व श्रीबिजयनगर और सादुलशहर भी अपना अध्यक्ष बनाने के लिए जोड़तोड़ कर रही है। इसके लिए निर्दलीयों से संपर्क किया जा रहा है। भाजपा ने सूरतगढ़ व हनुमानगढ़ जिले में पार्षदों की बाड़ेबंदी कर रखी है।
अध्यक्ष पद के नामांकन के बाद पार्षदों को हरियाणा के सिरसा जिले में भी शिफ्ट किया जा सकता है। कांग्रेस ने श्रीकरणपुर, केसरीसिंहपुर, पदमपुर और गजसिंहपुर के पार्षदों को बीकानेर के पास एक रिजोर्ट में रखा हुआ है। अनूपगढ़ के पार्षदों की हनुमानगढ़ व बीकानेर जिले के छतरगढ़ के पास की हुई है। दोनों ही पार्टियां ज्यादा से ज्यादा पालिकाओं में अपना बोर्ड बनाने की जुगत में जुटी हैं।
भाजपा...सादुलशहर में ज्यादा मशक्कत नहीं रायसिंहनगर व अनूपगढ़ में खींचतान जारी
भाजपा में सादुलशहर में उम्मीदवार घोषित करने के लेकर ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ रही है। यहां पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रदीप खीचड़ के परिवार से ही उम्मीदवार घोषित होने की संभावना ज्यादा है। रायसिंहनगर और अनूपगढ़ में कुछ खींचतान चल रही है। रायसिंहनगर में विधायक बलबीर सिंह लूथरा की टिकट वितरण में भूमिका रही।
यहां 16 वार्डों में जीतकर भाजपा बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है और कुछ निर्दलीयों के समर्थन का दावा किया जा रहा है लेकिन भाजपा में विधायक विरोधी खेमा अब जोड़-तोड़ से लूथरा गुट से अध्यक्ष पद के लिए चर्चित नाम मनीष मोहन टोनी को रोकने के लिए प्रयास कर रहा है। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा से नाम तय होने के बारे में पूछे जाने पर विधायक ने कहा कि चुनाव प्रभारी एवं पार्टी हाईकमान के निर्णय के अनुरूप नामांकन दाखिल किया जाएगा। अनूपगढ़ में भी प्रियंका बैलाण और विधायक संतोष बावरी का खेमा सक्रिय है।
कांग्रेस...चार पालिकाओं में एक से अधिक दावेदार, सर्व सम्मति की जद्दोजहद चल रही
जिले में चार नगरपालिकाओं में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, वहां अध्यक्ष पद के एक से अधिक दावेदार होने की वजह से कांग्रेस के लिए सर्वसम्मति बना पाना मुश्किल हो रहा है। श्रीकरणपुर में अध्यक्ष की दौड़ में व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष रमेश कुमार बंसल काका व डॉ. रेशम सिंह का नाम सामने आ रहा है।
दोनों में से एक नाम पर सहमति बनाने के लिए सोमवार को विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर के बेटे रूपिंद्र सिंह रूबी कुन्नर ने बाड़ेबंदी में रखे पार्षदों से बैठक की। इसमें पार्षदों को पार्टी हित में एकजुटता बनाए रखने के लिए कहा गया। गजसिंहपुर व पदमपुर में भी कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष पद के तीन तीन दावेदार हैं। केसरीसिंहपुर में दो दावेदार हैं। अनूपगढ़ व सादुलशहर में भी कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए पार्टी जोड़ तोड़ की कोशिश कर रही है। श्रीबिजयनगर में निर्दलीयाें का समर्थन जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
उम्मीदवार घोषित होने के बाद भितरघात की आशंका सता रही
दोनों ही पार्टियां अध्यक्ष पद के उम्मीदवार घोषित करने से पूर्व सर्व सम्मति बनाने पर जोर दे रही हैं। सभी पार्षदों की सहमति से अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित करने से भितरघात से बचा जा सकता है। गत चुनाव में भाजपा को केसरीसिंहपुर और अनूपगढ़ में इसी तरह के असंतोष से नुकसान उठाना पड़ा। ज्यादा संख्या में पार्षद जुटाए गए, फिर भी अनूपगढ़ और केसरीसिंहपुर में अध्यक्ष कांग्रेस ने बना लिए।
पिछले चुनाव के इन घटनाक्रमों से सबक लेते हुए इस बार सर्वसम्मति से उम्मीदवार घोषित किया जा रहा है। इसके लिए भाजपा के संभाग चुनाव प्रभारी माधोराम चौधरी ने वीडियाे काॅलिंग से नवनिर्वाचित पार्षदों से चर्चा की। कांग्रेस में चुनाव प्रबंधन देख रहे विधायकों व विधानसभा चुनाव लड़े प्रत्याशियों ने अलग-अलग जगह पार्षदों के साथ बैठक की।
आधे से ज्यादा पार्षद 10वीं तक शिक्षित, 76 युवा जीते
इस बार जिले की 8 नगरपालिकाओं में 10वीं तक शिक्षित पार्षदों की संख्या ज्यादा है। नव निर्वाचित 210 पार्षदों में से 76 युवा हैं। वहीं 21 उम्रदराज पार्षद भी बने हैं। इस बार गत चुनाव की अपेक्षा भाजपा का मत प्रतिशत घटा है। लेकिन इस चुनाव में भाजपा ने ज्यादा मत प्राप्त किए हैं। कांग्रेस और निर्दलीयों का मत प्रतिशत बढ़ गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 210 पार्षदों में से 115वीं कक्षा तक पढ़े-लिखे हैं। इसके अलावा 12वीं कक्षा तक पढ़े लिखे 23, ग्रेजुएट 43, पोस्ट ग्रेजुएट 15, प्रोफेशनल डिग्रीधारक 14 उम्मीदवार पार्षद निर्वाचित हुए हैं। उम्र के हिसाब से 76 पार्षद युवा यानी 35 वर्ष आयु वर्ग के हैं। इसमें 25 वर्ष तक आयु के 18, 26 से 35 आयु वर्ग के 58, 36 से 50 वर्ष आयु वर्ग के 82, 51 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 31 और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 21 उम्मीदवार पार्षद बने हैं। चुनाव में 97751 मतदाताओं ने मतदान किया।
इसमें भाजपा ने 34364 मत हासिल किए। भाजपा का मत प्रतिशत 35.15 रहा जो पिछले चुनाव के मत प्रतिशत 39.75 की अपेक्षा 4.6 प्रतिशत कम है। हालांकि भाजपा का मत प्रतिशत इस बार भी ज्यादा है। कांग्रेस ने 31262 मत हासिल किया। ये मत प्रतिशत 31.98 है जो गत चुनाव के मत प्रतिशत 30.24 से 1.74 प्रतिशत ज्यादा है। निर्दलीयों को 30573 मिले। इनका 31.28 प्रतिशत मत प्रतिशत गत चुनाव के मत प्रतिशत 28.74 की अपेक्षा 2.54 प्रतिशत ज्यादा है।
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