रामनाम के स्मरण से ही मनुष्य का जीवन भवसागर को पार कर सकता है, इसलिए हमेशा राम नाम का जाप करना चाहिए। यह बात संत चेतनराम महाराज ने शनिवार को हरिया ढाणा गांव के रामद्वारा में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि जिस तरह केवट नाव से मनुष्य को नदी के इस तट से दूसरे तट तक ले जाता है, इसी तरह इस जीवन का भवसागर पार करने के लिए राम नाम का स्मरण ही हमें पार उतार सकता है। इससे पूर्व संतों ने महंत जयरामदास महाराज के समाधि स्थल पर पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
इस मौके ब्यावर रामद्वारा के संत गोपालराम महाराज महंत चेतनराम महाराज देवती, पतितराम महाराज, बालकराम महाराज, गोपालराम महाराज, केवल राम महाराज, कीमतराम महाराज, संयम राम महाराज, निर्मलराम महाराज, रामशरण महाराज, मोहनराम महाराज, पुनीतराम महाराज, मानकराम महाराज, जगवल्लभराम महाराज, दिलखुश राम महाराज, धीरज राम महाराज, तिलकराम महाराज, श्री राम साहेब, धीरज राम महाराज, सुजान दास महाराज, सिमरत राम महाराज पुष्कर, संतोष भाई, राधिका बाई पुष्कर, किरण बाई खांगटा, सीताबाई मेड़ता रोड, सायरी बाई पुष्कर, रामरतन महाराज, सांवरदास महाराज, शंकर राम महाराज, कल्याणराम महाराज, उत्तमराम महाराज सहित 101 संतों का हरियाढाणा रामद्वारा में राजस्थानी रीति-रिवाज के अनुसार बधावणा व स्वागत किया गया।
इस मौके पूर्व प्रधान रावतराम खोजा, मदनलाल बारूपाल, दिग्विजयसिंह खोजा, डॉ. रामकैलाश सांगवा, गंगाराम लालार, प्रतापराम खोजा, पांचाराम खोजा, पेमाराम खोजा, पपसा खोजा, कमलकिशोर गगवानिया, सुरेश टेलर आदि मौजूद थे।
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