कोरोनाकाल में हजारों लोगों की कमाई घटी/रुकी, नहीं भर पाए बिजली के बिल, अब बड़ी राशि के बिल दे रहे हैं झटके

कोरोनाकाल में लोगों की कमाई घट गई। किसी की नौकरी चल गई तो किसी का व्यापार ठप हो गया। लोग बिजली के बिल तक नहीं भर पाए। अब बीते नौ माह की राशि जुड़कर भारी बिल आ रहे हैं तो लोगों को झटके लग रहे हैं। हालांकि डिस्कॉम ने बिल को किस्तों में भरने की सुविधा दी है, जिसके लिए एईएन ऑफिस में लोगों की कतार लग रही है।

डिस्कॉम प्रबंधन की मानें तो लोगों की दिक्कत को ध्यान में रखकर ही कनेक्शन नहीं काटे गए। साथ ही डिस्कॉम लोगों को सीख दे रहा है कि जब इस दौर में कमाई के रास्ते बंद हुए तो लोगों को बिजली बचाने की आदत पर फोकस करना चाहिए था, स्थिति यह है कि बिल नहीं भरने वाले लोगों की मासिक औसत उपभोग में कोई कमी नहीं आई है।

जोधपुर डिस्कॉम की मुख्य लेखाधिकारी पुष्पा मित्तल ने बताया कि लॉकडाउन में जिन उपभोक्ताओं के बिल जमा नहीं कराए हैं, उन्हें कनेक्शन नहीं काटकर राहत दी गई थी। अब भी बिल जमा नहीं करवाएंगे तो उनके कनेक्शन काटे जाएंगे। वहीं मंथली बिलिंग का पहला महीना है, इसमें सवा से डेढ़ माह का बिल आ सकता है। आगामी महीनों में उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होगी।
जमा नहीं कराए 45 करोड़

शहर में पौने तीन लाख में 8 हजार उपभोक्ताओं ने पूरे लॉकडाउन और कोरोनाकाल में अपना बिल जमा नहीं कराया। डिस्कॉम के इन उपभोक्ताओं में 45 करोड़ रुपए बकाया हैं। वहीं 8 करोड़ रुपए जमा नहीं करवाने वाले पंद्रह सौ से ज्यादा उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन कटे हुए हैं। अब अन्य उपभोक्ताओं को भी नोटिस दिए जा रहे हैं, जल्दी ही बकाया राशि जमा नहीं करवाने पर कनेक्शन काटे जाएंगे। डिस्कॉम ने अभी से तैयारी कर ली है।

इन उपभोक्ताओं को करवानी पड़ी किस्तें
1 . कुड़ी के हरीशचंद्र ने फरवरी से बिल नहीं भरा। 23 हजार से ज्यादा बकाया था। उनके दस हजार रुपए जमा कर राहत दी गई। ये आधी राशि जमा नहीं करवाते तो अभी उनका कनेक्शन काट दिया जाता।
2 . रमेशचंद्र शर्मा ने भी फरवरी से बिल नहीं भरा। बिल बढ़कर 24 हजार हो गया। अब डिस्कॉम ने बिल थमाया तो वे एईएन ऑफिस पहुंचे। बिल जांच की तो पता चला, नौ माह से बिल नहीं भरा। इस पर डिस्कॉम ने दो किस्त की, फॉर्म भरवाया और 14 हजार जमा किए।
3 . मैना देवी ने भी लॉकडाउन में बिल जमा नहीं कराया। बाहर होने के कारण कुछ दिनों के लिए घर भी बंद रहा और बिल बढ़ता रहा। 25 हजार का बिल आते ही भरने में दिक्कत हुई। वे भी एईएन ऑफिस आईं। वहां उनसे 15 हजार रुपए जमा करवाए गए।

पहले ही माह में चरमराई मंथली बिलिंग व्यवस्था
डिस्कॉम ने जोधपुर शहर सर्किल में दिसंबर से मंथली बिलिंग व्यवस्था शुरू की। पौने तीन लाख उपभोक्ताओं को दिसंबर में एक माह के बिल भेजे गए। आधी-अधूरी तैयारियों की व्यवस्था पहले ही महीने चरमरा गई। कई उपभोक्ताओं को सवा व डेढ़ महीने के बिल भेजे। मधुबन व रामेश्वर नगर में तो उपभोक्ताओं के उपभोग जीरो लिखा है, लेकिन औसत बिल दे दिया गया। यहांं मीटर रीडर आया भी था, बावजूद इसके रीडिंग जीरो बताई गई।

एमजीएच के फार्मासिस्ट सहित 6 संक्रमितों की मौत, 221 डिस्चार्ज, 125 नए पॉजिटिव

शहर में आठ दिन बाद शुक्रवार को फिर छह काेराेना संक्रमिताें की माैत हुई। 221 मरीज डिस्चार्ज और 125 नए पॉजिटिव मरीज मिले। इससे पहले 9 दिसंबर को छह कोरोना संक्रमितों ने दम तोड़ा था। दिसंबर के 18 दिन में कुल पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 3417, डिस्चार्ज 7697 और 78 मौत हो चुकी है। वहीं अब तक कुल संक्रमितों का आंकड़ा 58252, डिस्चार्ज 52528 और मौतों का आंकड़ा 828 पहुंच गया है।

विशेषज्ञ डाॅक्टराें की मानें तो कोरोना का खतरा टला नहीं है, धीमा हुआ है और वह धीरे-धीरे फिर बढ़ेगा। ऐसे में आमजन अभी सर्दी और कोरोना दोनों से बचाव के लिए मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग रखें। कारण कि सर्दियों में दूसरे वायरस भी तेजी से एक्टिव हो जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा अधिक बढ़ जाता है।
एम्स में पांच और एमडीएमएच में एक मरीज की मौत: एम्स में पांच संक्रमितों और एमडीएमएच में भर्ती फार्मासिस्ट की मौत हुई। एमडीएमएच के आईसीयू में दम तोड़ने वाले फार्मासिस्ट बक्साराम चौधरी एमजीएच में बीपीएल और भामाशाह दवा काउंटर पर संविदा फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत थे। एमडीएमएच में गुरुवार देर रात 9:15 बजे कमला नेहरू नगर निवासी बक्साराम चौधरी (45) ने दम तोड़ा।

उनकी मौत के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई। फार्मासिस्ट चौधरी 27 नवंबर को पहली बार पॉजिटिव आए, तब से ही भर्ती चल रहे थे। पहले एमजीएच फिर राजदादीसा बाद में गुरुवार को तबीयत ज्यादा खराब होने पर एमडीएम अस्पताल लेकर आए थे। वहीं एम्स में चौहाबो निवासी धर्मदेव दूबे (68) की मौत शाम 6:29 बजे हुई। मरीज को दूसरी कोई दूसरी बीमारी नहीं थी।

दूसरी मौत कृषि मंडी निवासी मीराराम (55) की शाम 5:55 बजे हुई। मरीज को कोविड के अलावा दूसरी बीमारी नहीं थी। तीसरी मौत बेरा आसन जाटियावास बिलाड़ा निवासी तुलची देवी (63) की सुबह 10:15 बजे हुई। इनको भी कोई अन्य बीमारी नहीं थी। चौथी मौत जोधपुर निवासी मांगीलाल (81) की सुबह 7:45 बजे हुई।

मरीज को टाइप टू डायबिटीज और हाइपरटेंशन की बीमारी थी। पांचवीं मौत अंबेडकर काॅलाेनी प्रतापनगर राजा माेटर्स के पीछे निवासी रमेश कुमार (66) की सुबह 8:34 बजे हुई। मरीज को डायबिटीज और हाइपरटेंशन, हार्ट, किडनी संबंधी बीमारियां थीं।




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फाइल फोटो


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