सादुलशहर में डाॅक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ के बगैर चलाया जा रहा था नशा मुक्ति केंद्र

सादुलशहर में बगैर डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ के चल रहे एक नशा मुक्ति केंद्र का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पर्दाफाश किया है। विभाग की टीम ने मंगलवार शाम को सादुलशहर में एक समिति की ओर से चलाए जा रहे नशा मुक्ति केंद्र पर दबिश दी थी। एक रास्ता नशा पीड़ित सहायता सेवा समिति के नशा मुक्ति केंद्र पर कई तरह की खामियां मिलीं। एक ही हाल में 104 राेगियों को रखा हुआ था। भर्ती मरीजों के संबंध में कोई रिकॉर्ड भी नहीं मिला।

सीएमएचओ डॉ. गिरधारी लाल मेहरड़ा के अनुसार इस नशा मुक्ति केंद्र के बारे में गंभीर अनियमितताएं हाेने की शिकायतें मिली थी। तब सादुलशहर के बीसीएमओ डॉ. लक्ष्य सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर दबिश दी गई।
बीसीएमओ डॉ. लक्ष्य सिंह के अनुसार केंद्र के पास अनुमति नहीं थी। इसके अलावा मनो चिकित्सक, एमबीबीएस डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ भी नहीं था।

न ही स्टाफ के संबंध में कोई एग्रीमेंट था। भर्ती रोगियों का रिकॉर्ड भी नहीं मिला। इस नशा मुक्ति केंद्र पर कोरोना से बचाव की गाइड लाइन की पालना भी नहीं हो रही थी। यहां भर्ती किए 104 मरीजों को एक ही हाल में रखा जा रहा था। न ताे फिजिकल डिस्टेंसिंग की पालना हो रही थी और न ही सभी रोगियों के मास्क था। शौचालय व अन्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। टीम को केंद्र के काउंटर पर चार व्यक्ति मिले, जो मेडिकल लाइन के ट्रेंड नहीं थे। इनसे डॉक्टर्स व नर्सिंग स्टाफ के बारे में पूछने पर जवाब मिला कि उन्हें इस बार में कोई पता नहीं है।

आज शाम तक खाली करना होगा केंद्र, मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़ी अनियमितताओं को देखते हुए एक बार नशा मुक्ति केंद्र सील करने का निर्णय लिया। लेकिन रोगियों की संख्या ज्यादा, पंजाब के राेगी भी होने और रात के समय इनके शिफ्ट होना संभव नहीं था। इसी वजह से सील नहीं किया गया। केंद्र की संचालक प्रबंध समिति को बुधवार शाम 5 बजे तक रोगियों को दूसरी जगह शिफ्ट कर केंद्र खाली करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद केंद्र सील करने की कार्रवाई होगी। सीएमएचओ डॉ. गिरधारी लाल मेहरड़ा के अनुसार टीम से निरीक्षण रिपोर्ट मांगी गई है। इसके आधार पर मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा।

नशा पीड़ित सहायता समिति में भर्ती ज्यादातर रोगी पंजाब के

एक रास्ता नशा पीड़ित सहायता समिति में भर्ती ज्यादातर रोगी पंजाब के हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम को ज्यादातर रोगियों का भर्ती, घर के पते और इलाज से संबंधित रिकॉर्ड नहीं मिला। चार रोगियों को सोमवार को ही भर्ती किया गया था। समिति का कोई पदाधिकारी मौके पर नहीं मिला। टीम को कुछ रोगियों ने बताया कि बताया कि उन्हें इलाज के लिए 6 गोली सुबह इसके बाद दिन में दो बार 3-3 गोलियां दी जाती हैं। मौके पर मिले केंद्र के चारों कर्मियों से दवाओं के बारे में पूछे जाने पर जवाब मिला कि जब जरूरत पड़ती है, तब दवाएं मेडिकल स्टोर से ले आते हैं। नशा मुक्ति केंद्र की शाम 4:40 बजे शुरू हुई निरीक्षण की कार्रवाई दो घंटे तक चली। टीम में बीसीएमओ डॉ. लक्ष्य सिंह, सहायक औषधि नियंत्रण अधिकारी रामपाल वर्मा, सीएमएचओ कार्यालय के संदीप जाखड़ सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे।

एक नशा मुक्ति केंद्र में हाे चुकी है युवक की हत्या
श्रीगंगानगर शहर के समीप कालिया रोड स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र पर चार महीने पूर्व भर्ती एक युवक की कुछ लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। तब युवक के परिजनों ने नशा केंद्र में गंभीर अनियमितताएं होने का आरोप लगाया था। तब भी लोगों ने सभी नशा मुक्ति केंद्रों की जांच करने की मांग उठाई थी।



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Drug de-addiction centers were being run in Sadulshahar without doctors and para-medical staff


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