एक परिवार को काफी इंतजार के बाद मिले न्याय का तो दूसरा नशे का गौरखधंधा चलाने वाले के खिलाफ

पिता-पुत्री को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी सचिन खन्ना व विकास उर्फ विक्की को दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला पोक्सो कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश मसरूर आलम खान ने गुरुवार को सुनाया। जबकि इस मामले में एक युवक बाल अपचारी होने के कारण उसका केस किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है। विशिष्ट लोक अभियोजक विनोद डूडी ने बताया कि मृतक के पिता ने सदर पुलिस थाना में 4 जनवरी 2019 को मामला दर्ज करवाया था कि उसके घर पर सचिन, विक्की आदि युवक रंगरोगन करने का काम पर लगे थे। इस दौरान तीनों युवक उसकी नाबालिग पोती को परेशान करने लगे।

इससे तंग परेशान होकर उसका बेटा और पोती ने इंदिरा गांधी नहर में कूद कर आत्महत्या कर ली। इस पर पुलिस ने तीनों युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी सचिन खन्ना और विकास उर्फ विक्की के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था, जबकि तीसरा युवक बालअपचारी होने के कारण किशोर बोर्ड में मामला चल रहा है। परिवादी की तरफ से पैरवी एडवोकेट पूर्णसिंह जटाना ने की।


आरोपियों ने फोटो वायरल करने की दी थी धमकी, इसलिए पिता-पुत्री ने की थी आत्महत्या
गांव सहजीपुरा की पीडि़ता के पिता ने डबलीराठान चौकी में परिवाद दिया था। परिवाद में लिखा था कि इसमें करीब पांच माह पहले के घर पर सचिन, विक्की आदि युवक रंगरोगन करने के काम पर लगे थे। इस दौरान तीनों युवक नाबालिगा को परेशान करने लगे। काम पूरा होने के बाद स्कूल आते-जाते समय भी नाबालिगा को परेशान करते रहे। नाबालिगा का फोटो वायरल करने की धमकी दी जिससे उसके परिजन तनाव में आ गए और उसका बेटा और उसकी पोती नहर में छलांग लगा आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज किया था।



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