ना छुट्टी मिली, ना वीआरएस, फिर भी दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों का इलाज करने पहुंचे डाॅ. अशोक

बड़गांव के 54 वर्षीय वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक शर्मा को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक न अवकाश दिया, नहीं स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन मंजूर किया। इसके बावजूद भी डॉ. शर्मा दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर आंदोलन करने वाले किसानों का निशुल्क इलाज करने के लिए बुधवार शाम को वहां निजी वाहन से पहुंच गए। डॉ. शर्मा ने बताया कि वे गुरुवार सुबह से आंदोलन करने वाले किसानों का निशुल्क इलाज करेंगे।

क्योंकि कुछ बुजुर्ग किसान तेज सर्दी में भी खुले आसमान के नीचे अपनी मांग मनवाने आंदोलन कर रहे हैं। गौरतलब है कि किसानों को निशुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराने 6 दिन का अवकाश नहीं मिलने से खफा होकर डॉ. शर्मा ने वीआरएस के लिए आवेदन दिया था। सीएमएचओ डाॅॅ. दिनेश खराड़ी ने डॉ. शर्मा की 6 दिन के अवकाश की मांग पर हाथ खड़े कर दिए थे। आवेदन को उच्च अधिकारियों के पास भेजा था। इसके बाद भी अवकाश नहीं दिया। इसके बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन दे दिया। विभाग ने अभी तक ना अवकाश मंजूर किया, नहीं स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति। डॉ. शर्मा ने फिर कहा कि किसानों को निशुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराने के कारण उनकी जॉब जाए तो जाए उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।



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Neither was the leave, nor the VRS, yet Dr. arrived at the Delhi-Haryana border to treat the farmers. Ashok


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