पहले प्यार में फंसाती फिर अपहरण कर मांगती थी फिरौती, अब गिरफ्तार

कोतवाली थाना पुलिस ने अपहरण व 10 लाख की फिरौती मांगने के मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया है जो लोगों को झूठे प्रेम जाल (हनी ट्रेप) में फंसाकर अपने अन्य साथी अपराधियों के साथ मिलकर अपहरण कर फिरौती मांगने का काम करती थी। एसएचओ रामकिशन यादव ने बताया कि 18 नवंबर 2019 को गोपाल निवासी रणजीतनगर ने रिपोर्ट पेश की कि मेरा पुत्र देवेश टीवीएस फाइनेंस कम्पनी के मैनेजर के पद पर कार्यरत है।

उसका कलेक्शन का एरिया गंगापुर, करौली, टोंक, सवाईमाधोपुर व अन्य स्थान पर है। देवेश 17 नवंबर 19 को दोपहर करीब 3.30 बजे घर भरतपुर से मारुती से करौली के लिए निकला था। रात 9.30 बजे करौली निवासी रिश्तेदार महेश के मोबाइल नम्बर पर देवेश के मोबाइल नम्बर से बातचीत हुई।

तब देवेश ने महेश को बताया कि मुझे कुछ लोग बंदी बनाकर ले गए हैं और 10 लाख रुपए की मांग कर रहे हैं। इसके तुरन्त बाद महेश ने मुझे व अन्य रिश्तेदारों को सूचित किया था। उसके बाद देवेश का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था। दुबारा 18 नवम्बर 2019 को सुबह 8 बजे देवेश के अन्य मोबाइल नम्बर से महेश के मोबाइल नम्बर पर 7 लाख रुपए की फिरौती की मांग की गई थी।

इस सम्बन्ध में कोतवाली पर मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने अपहरणकर्ता व अपहृत व्यक्ति के मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर कराैली पीछा करके पहुंचकर 19 नवंबर 2019 को ही रेलवे स्टेशन हिंडौनसिटी से आरोपी जोड़ली का पुरा जीरौता सपोटरा जिला करौली के संजय व इंद्रा कालोनी बड़ी पोस्ट आफिस के पास करौली निवासी कन्हैया को गिरफ्तार कर लिया।

उनके कब्जे से अपहृत देवेश शर्मा को छुड़ा लिया और अपहृता की कार को जब्त कर लिया था। इसके बाद ईएसआई पदमसिंह ने उक्त मामले में आरोपी कुमारी संजीता पुत्री देवफूल मीणा निवासी मांगरौल थाना सपोटरा को प्रोडक्शन वारंट से जयपुर जेल से गिरफ्तार किया है। यह जयपुर जेल में एक अन्य मामले में बंद थी। इसे गिरफ्तार कर गुरुवार को न्यायालय के आदेश पर सेंट्रल जेल सेवर भिजवा दिया गया है।



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