प्रदेश के सभी जिला आयुर्वेद अस्पतालाें में पाेस्ट-काेविड आयुष केयर सेंटर खाेले गए, लेकिन संचालन का पहला दिन खानापूर्ति साबित हुआ। जिला मुख्यालय पर बनाए केंद्र पर परामर्श लेने के लिए 25 लाेगाें काे काॅल कर बुलाया, लेकिन केवल दाे ही मरीज आए।
आयुर्वेद विभाग ने सभी जगह इन सेंटराें के संचालन के लिए न दवा खरीद का बजट भेजा न ही अतिरिक्त दवाएं। जाे दवाइयां रूटीन में चल रही हैं, उन्हीं से इनका संचालन शुरू कर दिया गया। बजट के नाम पर केवल 10 हजार रुपए आए हैं, जाे प्रचार-प्रसार सामग्री खर्च के लिए। हकीकत ताे यह है कि अभी प्रदेश स्तर से इन सेंटराें के लिए दवा भेजने का काम भी पाइपलाइन में है। आयुर्वेद विभाग निदेशालय ने सभी उप निदेशकाें काे 17 दिसंबर काे जिला आयुर्वेद अस्पताल परिसर में काेविड-19 आयुष देखभाल केंद्र 21 दिसंबर से शुरू करने के निर्देश दिए।
सेंटर के लिए आवश्यक दवाइयाें की व्यवस्था करने के लिए भी निर्देश दिए। भास्कर पड़ताल में सामने आया कि सेंटर के संचालन के लिए स्थानीय स्तर पर दवाइयां खरीदने के लिए काेई आदेश जारी नहीं किया। न दवा खरीद के लिए काेई बजट दिया। इस कारण जिला अस्पताल में आयुर्वेद प्रशासन ने अपने स्तर पर औषधालयाें में रखी दवाइयाें काे इस सेंटर में मंगवाना शुरू किया। अब विभाग प्रदेश के इन सभी सेंटराें के सही संचालन के लिए 34 प्रकार की दवाइयां खरीदकर भिजवाने की तैयारी में है, लेकिन कब तक आएगी, तिथि तय नहीं है।
पहले दिन सेंटर पर परामर्श लेने के लिए चिकित्सा स्टाफ ने काेविड-19 संक्रमित से ठीक हुए ऐसे राेगी जिनमें थकान, कमजाेरी, सर्दी-जुकाम, तनाव आदि लक्षण हैं, ऐसे 25 जनाें काे काॅल करके बुलाया। केवल दाे ही मरीज सेंटर पर परामर्श लेने आए।
जिला मुख्यालय पर सेंटर संचालन के लिए लगाए विभिन्न विशेषज्ञ डाॅक्टर
- राजकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय के लिए वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डाॅ. तरुण कुमार प्रमाणिक काे पाेस्ट काेविड केयर सेंटर के मेंटाेर के रूप में कार्य करते हुए जिला अस्पताल में याेग प्राकृतिक/हाैम्याेपैथिक/यूनानी के चिकित्साधिकारियाें के लिए बैठने के लिए स्थान उपलब्ध कराएंगे, सेंटर के सफल संचालन के लिए निगरानी रखेंगे।
- राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय गंगरार डाॅ. सरिता एक कुमार काे इस केंद्र का प्रभारी नियुक्त किया है।
- ऐसे लाेग जाे काेविड-19 संक्रमण से ठीक हाे चुके, इनकी सूची सीएमएचओ से प्राप्त करेंगे। सूची के अनुसार ऐसे लाेगाें से संपर्क कर उन्हें विभाग द्वारा संचालित पाेस्ट काेविड देखभाल केंद्र की सूचना एवं प्रदत्त सेवाओं की सभी जानकारी दी करेंगे।
- -इस केंद्र पर डाॅ. सरिता ए कुमार आयुर्वेद, डाॅ. निर्मल हाेम्याेपैथी तथा डाॅ. एएम अजमेरी यूनानी पद्धति की सेवाएं देने के लिए नियुक्त किया है। याेग के लिए भी डाॅक्टर नियुक्त करेंगे।
उप निदेशक डाॅ. इंदूशेखर ने कहा-15 दिन में 34 तरह की दवाएं आने की संभावना
प्रश्न: पाेस्ट-काेविड आयुष केयर सेंटर पर पहले दिन बहुत कम मरीज ही पहुंचे।
उत्तर: पहला दिन था, 25 जनाें से संपर्क किया था। केवल दाे ही मरीज आए।
प्रश्न: सेंटर के संचालन के लिए दवा या औषधियाें के लिए विभाग ने बजट भेजा या नहीं।
उत्तर: सेंटर के संचालन के लिए दवा एवं औषधियां खरीदने के लिए काेई बजट नहीं आया। केवल वर्तमान में उपलब्ध दवाओं से संचालन शुरू किया है। बजट के नाम पर केवल प्रचार-प्रसार के लिए 10 हजार रुपए का ही बजट मिला है।
प्रश्न: संचालन के लिए और दवाइयां अब कहां से लाएंगे, बिना दवाइयाें के कैसे चलेगा
उत्तर: सुना है कि निदेशालय स्तर से 34 प्रकार की दवा 15 दिनाें में आने की संभावना है। जब तक स्थानीय अस्पतालाें में माैजूदा दवाइयां तथा भामाशाहाें का भी सहयाेग लिया जाएगा।
प्रश्न: काढ़ा सेवन काे लेकर अभी भी भ्रांतियां है कि नुकसान भी पहुंच सकता है।
उत्तर: काढ़ा हानिकारक नहीं है, लेकिन स्वस्थ व्यक्ति काे लेने की जरूरत नहीं है।
उप निदेशक की माैजूदगी में सेंटर शुरू हुआ, इन दाे केटेगिरी के मरीजाें काे देखेंगे
जिला आयुर्वेद चिकित्सालय पांडनपाेल में काेविड-19 पश्चात देखभाल एवं उपचार केंद्र का उदघाटन अायुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डा इंदूशेखर शर्मा द्वारा किया गया। उन्हाेंने बताया कि ऐसे मरीज जाे काेराेना पाॅजीटिव से नेगेटिव हाे चुके तथा ऐसे मरीज जाे 14 दिन इस राेग का उपचार ले चुके। इन दाेनाें कैटेगिरी के ऐसे लाेग जिनमें अभी भी कमजाेरी, थकान, खांसी, सर्दी-जुकाम, ज्वाइन पैन, तनाव, अनिद्रा व अवसाद से ग्रसित है। ऐसे राेगियाें काे इस सेंटर में परामर्श एवं उपचार दिया जाएगा।
चिकित्सालय के प्रभारी डा तरुण कुमार प्रमाणिक, केंद्र प्रभारी डा सरिता ए कुमार, हाैम्याे चिकित्सक डा निर्मल चावला, यूनानी चिकित्सक डाॅ. एएम अजमेरी, एक छत औषधालय के प्रभारी डाॅ. साैरभ सिंह हाड़ा, केयर सेंटर के रिकाॅर्ड प्रभारी गाेविंद धाकड़ उपस्थत थे। जिला चिकित्सालय के स्टाफ मथुरालाल, कृष्णचंद्र शर्मा, अंजू धाैर्य, रामचंद आमेटा, उषा शर्मा, लाडकंवर, देवकिशन शर्मा आदि के सहयाेग से पाेस्ट काेविड केयर सेंटर की स्थापना की गई।
पहले दिन दाे राेगियाें काे परामर्श एवं दवा दी गई। केंद्र प्रभारी सरिता ने बताया कि पाेस्ट काेविड केयर के उपचार की दृष्टी से वर्तमान में कास, श्वास के लिए श्वासांतक चूर्ण और गाेजिवादी क्वाथ, दुर्बलता के लिए अश्वगंधा चूर्ण, जीर्ण ज्वर के लिए संजीवनी वटी, महासुदर्शन चूर्ण, अतिसार के लिए धान्य पंचक क्वाथ तथा अवसाद के लिए सारस्वतादि चूर्ण दिया जाएगा।
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