पदमपुर एसएचओ रही अल्का बिश्नाेई ने नाजायज हिरासत में लिए पदमपुर निवासी विजयकुमार काे छाेड़ने के लिए तीन लाख रुपए में डील तय की थी। दाे माह तक चली गाेपनीय जांच में चाैंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में सामने आया कि एसआई ने उक्त रकम की वसूली के लिए नाजायज हिरासत में रखे गए शिकायतकर्ता अपने आढ़ती की दुकान पर कांस्टेबल भेजा था। कांस्टेबल ने उसकी बात आढ़त काराेबारी से फाेन पर करवाई।
तब उसने अपने खाते से कांस्टेबल काे तीन लाख रुपए देने काे कहा था। लेकिन आढ़त काराेबारी खुद दुकान पर माैजूद नहीं था और उसके बेटे ने इतनी बड़ी रकम अपने स्तर पर देने से मना कर दिया था। इस पर वापस लाैटे कांस्टेबल ने फिर विजय के कहने पर उसकी बात अपने दाेस्त महावीर से करवाने काे कहा। महावीर ने पहले ताे मदद से इनकार कर दिया और तीन लाख नकदी नहीं हाेना बताकर टाल दिया। लेकिन दूसरी बार विजय ने गिड़गिड़ाते हुए महावीर काे मदद के लिए राजी कर लिया। महावीर ने अपनी आढ़त की दुकान से दाे लाख रुपए लेकर चालक कांस्टेबल श्रवणकुमार और सत्तू मदान काे दिए।
एक लाख रुपए का चेक शिकायतकर्ता ने अपने घर से मंगवाकर एसआई अल्का काे साैंप दिया। एसआई अल्का उक्त एक लाख के चेक काे केश करवाने बैंक भी गई लेकिन बैंक वालाें ने 25 हजार से अधिक नकदी नहीं दिए जाने का नियम बताकर चेक वापस लाैटा दिया। जांच अधिकारी सीओ रायसिंहनगर ताराराम बैरवा ने जांच के दाैरान उक्त एक लाख रुपए का चेक एसआई के पास से रिकवर किया है।
अल्का व चालक कांस्टेबल ने सीओ के सवालाें का सही जवाब नहीं दिए
जांच अधिकारी सीओ रायसिंहनगर ने जब शिकायत में लगाए गए आराेपाें के संबंध में तत्कालीन एसएचओ पदमपुर अल्का ओर चालक कांस्टेबल श्रवणकुमार से सवाल पूछे ताे वे संताेषजनक उत्तर नहीं दे पाए। दाेनाें पुलिस कर्मियाें के बयानाें काे लेखबद्ध किया गया। इसके बाद नतीजा निकला जाे कि दाेनाें पुलिसकर्मियाें के खिलाफ था।
दाे माह तक चली गाेपनीय जांच, माैके पर जाकर जुटाए साक्ष्य ताे बिश्नाेई पर कसता गया शिकंजा: शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने मामले की शिकायत एसपी राजन दुष्यंत काे की थी। तब एसपी ने भराेसा दिलाया कि शिकायत की गाेपनीय जांच करवाई जा रही है। मामला सही निकला ताे उसे न्याय और आराेपियाें काे सजा जरूर दी जाएगी। इसके बाद यह जांच सीओ रायसिंहनगर ताराराम बैरवा काे साैंप दी। बैरवा ने दाे माह से अधिक समय में गाेपनीय जांच पूरी कर तमाम साक्ष्य जुटाए।
जांच अधिकारी ने उसे अपने कार्यालय में बुलाकर विस्तार से बयान दर्ज किए। इसके बाद उन्हाेंने साक्ष्य जुटाने शुरू किए। आरपीएस बैरवा ने पीड़ित विजयकुमार काे साथ लेकर उस रूट और जगह की तस्दीक की जहां से एसएचओ रहते अल्का बिश्नाेई ने 200 ग्राम अफीम सहित युवक काे पकड़ा था। उसने वे सभी स्पाॅट दिखाए जहां से पदमपुर थाना स्टाफ ने गाड़ी में फ्यूल डलवाया, चाय नाश्ता किया। जांच अधिकारी आरपीएस बैरवा ने उक्त सभी स्थानाें से कर्मचारियाें से पूछताछ की ताे व शिकायतकर्ता के दिए बयानाें से कड़ी से कड़ी सही साबित हाेती रही।
बैंक,आढ़त दुकान, पेट्राेल पंप व जेल से फुटेज जुटाए, पदमपुर एसएचओ व चालक कांस्टेबल दिखे
जांच अधिकारी रायसिंहनगर सीओ ने शिकायतकर्ता के बैंक, आढ़त की दुकान और जेल में मुलाकात के दाैरान के सीसी टीवी फुटेज जुटाए। इनमें एसआई अल्का और उनका विश्वासपात्र चालक कांस्टेबल श्रवणकुमार साफ दिखाई दिए।
इसके बाद उसे साथ लेकर हनुमानगढ़ जिले में पहुंच मुख्य आराेपी काे पकड़ने और वापस आने के दाैरान रास्ते के पेट्राेल पंप और हाेटल/ढाबे से भी फुटेज लिए। इनमें भी शिकायतकर्ता पुलिस टीम के साथ दिखाई दिया।
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