नर्सिंग संस्थानों को मान्यता देने का अधिकार स्टेट काउंसिल को, आईएनसी सिर्फ निरीक्षण करेगी

प्रदेश के नर्सिंग संस्थानों को अब हर साल इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) से मान्यता या संबंद्धता नहीं लेनी पड़ेगी। वेबसाइट पर आईएनसी को संस्थानों की सूची अपलोड करने का अधिकार भी नहीं रहेगा। इंडियन नर्सिंग काउंसिल केवल निरीक्षण कर सकती है, लेकिन रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजनी होगी। निर्णय करने का अधिकारी भी राज्य सरकार को होगा।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य (ग्रुप-3) के उपशासन सचिव संजय शर्मा की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विभूति भूषण शर्मा की राय के बाद आदेश जारी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में भी यह भी बताया गया है कि राज्य के नर्सिंग विद्यार्थी देश के किसी भी राज्य में अपनी सेवाएं देने के लिए योग्य है। आईएनसी नई दिल्ली को नर्सिंग संस्थानों के निरीक्षण का अधिकार तो रहेगा, लेकिन मान्यता देने का अधिकार नहीं है।

^ नर्सिंग संस्थानों को मान्यता देने का अधिकारी स्टेट नर्सिंग काउंसिल को है। आईएनसी एक्ट के सेक्शन-13 के अनुसार मान्यता को उपयुक्तता का अधिकार आईएनसी को है। निरीक्षण में कमी पाए जाने पर मान्यता को वापस लेने का अधिकार भी आईएनसी को है। -डॉ. जोगेन्द्र शर्मा, कार्यकारी सदस्य, आईएनसी नई दिल्ली
^अतिरिक्त महाधिवक्ता की राय के अनुसार नर्सिंग संस्थानों को अब आईएनसी से संबंद्धता लेना आवश्यक नहीं है। स्टेट काउंसिल और राज्य सरकार ही संबंद्धता देगी।
-दिलीप तिवाड़ी, सचिव, प्राइवेट नर्सिंग फैडरेशन



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