हमारी बीमारी पर शोध हो इसलिए पत्नी सहित लिया देहदान का संकल्प

संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन द्वारा सर्वप्रथम वर्ष 2011 में लिए गए पहले नेत्रदानी सुनील साहू के छोटे भाई सुशील साहू व उनकी पत्नी अंजू साहू ने विवाह की 23वीं वर्षगांठ पर नेत्रदान-देहदान का संकल्प पत्र भरा। सुशील व इनके अन्य तीन भाई जन्म से मूक-बधिर है। वर्ष 2011 में सुनील साहू के निधन के बाद परिजनों ने उनका नेत्रदान करवाया था।

तभी से सभी ने यह भी विचार बनाया कि जब भी कभी ऐसा शोक का अवसर आता है तो नेत्रदान का पुनीत कार्य सम्पन्न करवाना ही है। चारों ही भाई जन्म के बाद से ही एक अजीब सी बीमारी से ग्रसित थे। पैदा होने के कुछ दिनों बाद से ही किसी को सुनने की, किसी को बोलने की शक्ति पूरी तरह से ख़त्म हो जाती थी। इसका ठीक तरह से इलाज हो सके।



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Resolve to give research on our illness, so we have taken the body with my wife


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