ये तस्वीरें जो आपकी राहें मुश्किल कर रही, निगम को दिखाई नहीं देती

10 साल पहले पूरे शहर में बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए करीब 18 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ था। जिसके तहत शहर के सभी जीएसएस सहित शहर के सभी ट्रांसफॉर्मर, बिजली उपकरण बदलने थे। रिंगिमेंस योजना के तहत भी शहर के सभी जीएसएस को आपस में जोड़ना था। लेकिन अब भी 2 करोड़ 87 लाख बजट होने के बाद भी शहर की बिजली व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो पाया है। इस बजट को दो बार अजमेर डिस्कॉम के एमडी को लैप्स होने के बाद स्वीकृत किया गया। लेकिन अभी तक भी पुराने पोल, ट्रांसफॉर्मर, झूलते तार दिखाई देंगे।

ओसवालावाड़ा क्षेत्र में लाेगाें ने अपने मकान से छुकर जाते विद्युत ताराें काे लकड़ी का जुगाड़ कर विद्युत ताराें काे मकान की गैलरी से दूर कर रहे हैं, वहीं शारदा नगर में झूलते विद्युत ताराें काे लोगों ने रस्सी से बांध रखा है। जयपुर-उदयपुर लिंक राेड पर 33 केवी विद्युत पाेल पर फैली बेल के अलावा हिमालय नगर में ट्रांसफॉर्मर का पाेल झुका है जिसके कारण कभी भी काेई बड़ा हादसा हाे सकता है। वहीं पार्षद सज्जनसिंह राठौड़ ने पोल, तारों को ठीक करने को लेकर सभापति को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी दिया है। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि बजट के बाद भी शहर की व्यवस्था को सुधार नहीं पानी के पीछे वजह क्या है?



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
These pictures, which are making your way difficult, are not visible to the corporation


टिप्पणियाँ