कोरोना का स्ट्रेन बदलने के बाद भी वैक्सीन कारगर रहेगी, खास फर्क नहीं पड़ने वाला

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए ब्रिटेन में सबसे पहले वैक्सीन लगा रहे हैं, लेकिन वहां वायरस का स्वरूप बदलने से हड़कंप मचा हुआ है। जयपुर समेत अन्य शहरों में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। भास्कर ने एक्सपर्ट से बात की। बताया- स्वाइन फ्लू का स्ट्रेन बदलने पर वैक्सीन कारगर रही, ठीक उसी तरह से कोरोना वैक्सीन का स्ट्रेन बदलने पर कारगर रहेगा।

एसएमएस अस्पताल के मेडिसन विभाग के डॉ.रमन शर्मा के अनुसार कोरोना वैक्सीन में स्पाइक प्रोटीन उनके विरुद्व एंटीबॉडी बनाती है, जो ज्यादा प्रोटेक्टिव होती है। वायरस का स्ट्रेन बदलने से माइनर फर्क पड़ता है। हो सकता है ब्रिटेन में वायरस का स्वरूप बदल गया, लेकिन ऐसा नहीं है कि यहां भी बदलेगा ही।

स्ट्रेन के हिसाब से वैक्सीन बनाना आसान

एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.सुधीर भंडारी ने बताया- सरकार ने स्वाइन फ्लू के केस बढ़ने पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलोजी लैब में जांच कराई थी, तब मिशिगन वायरस मिला। पहले ये स्ट्रेन केलिफोर्निया था। स्ट्रेन बदलने पर निर्माता कंपनियों को उस हिसाब से वैक्सीन बनाना आसान है।

कोरोना स्ट्रेन बदलने पर वैक्सीन कारगर नहीं होगी, ये कहना जल्दबाजी है। आरयूएचएस कोविड प्रभारी डॉ. अजीत सिंह ने बताया- वायरस में म्यूटेशन होता है। अधिकतर वायरस खुद खत्म हो जाते हैं या कमजोर। कुछ वायरस म्यूटेंट होने पर ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
ब्रिटेन में वायरस का स्वरूप बदल गया, लेकिन ऐसा नहीं है कि यहां भी बदलेगा ही


टिप्पणियाँ