जयपुर ग्रेटर निगम की मेयर सौम्या गुर्जर के निर्वाचन को डीजे जयपुर मेट्रो प्रथम के समक्ष चुनाव याचिका दायर कर चुनौती दी है। कांग्रेस प्रत्याशी पिंकी यादव की ओर से दायर याचिका में सौम्या के पार्षद व मेयर का चुनाव लड़ने की प्रक्रिया को गलत ठहराते हुए निर्वाचन रद्द करने का आग्रह किया है। सुनवाई 5 दिसंबर को होगी।
चुनाव याचिका में कहा कि नगर निगम ग्रेटर के वार्ड 87 से जब सौम्या गुर्जर ने चुनाव के लिए नामांकन भरा तब उनका नाम करौली जिले के ग्राम देवरी की वोटर लिस्ट में भी दर्ज था। लेकिन उसी दौरान उन्होंने जयपुर नगर निगम की वोटर लिस्ट में भी नाम जुड़वाकर चुनाव लड़ा। सौम्या ने 3 नवंबर 2020 को अपना नाम करौली जिले की वोटर लिस्ट से हटवाया।
नियमानुसार एक व्यक्ति किसी नगर पालिका का चुनाव उस स्थिति में ही लड़ सकता है जब वह उस क्षेत्र की नगर पालिका का मतदाता हो। लेकिन सौम्या ने दो जगहों की वोटर लिस्ट में नाम होते हुए भी तथ्य छिपाकर चुनाव लड़ा जो अवैध है। इसके अलावा उन्होंने इस साल करौली से अपने मताधिकार का प्रयोग भी किया था। उन पर कई आपराधिक केस भी दर्ज हैं। इसलिए नियमानुसार पार्षद पद का निर्वाचन रद्द किया जाए।
दो अन्य पार्षदों के निर्वाचन को भी चुनौती
ग्रेटर के वार्ड 89 के पार्षद गिर्राज व 102 के पार्षद महेन्द्र के खिलाफ भी याचिकाएं दायर की गई है। वार्ड 89 से कांग्रेस प्रत्याशी मोतीलाल वर्मा ने याचिका में कहा गिर्राज शर्मा ने नामांकन में समय घर में शौचालय होने का शपथ पत्र दिया था। जबकि शौचालय नहीं है। वार्ड 102 के प्रत्याशी दिनेश व्यास ने कहा कि उम्मीदवार अंकित शर्मा को फायदा पहुंचाने के लिए उसके स्कूल में ही मतदान केन्द्र बना लिया।
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