सर्राफा बाजार में अवैध निर्माण पर चार जनवरी तक रहेगा स्टे

कोर्ट ने गुरुवार को सर्राफा बाजार में हो रहे अवैध निर्माण पर चार जनवरी तक के लिए स्टे लगा दिया है। तब तक घटना स्थल पर ना तो निर्माणकर्ता निर्माण कर सकेंगे, ना ही नगर निगम कोई कदम उठा सकेगा। कोर्ट ने यह आदेश निर्माणकर्ता की ओर से निगम के खिलाफ पेश दावे की सुनवाई करते हुए दिए हैं।

नगर निगम द्वारा प्रस्तावित अवैध निर्माण तोड़ने के खिलाफ निर्माणकर्ता कमलकांत पटवा की ओर से मुंसिफ कोर्ट में दावा पेश किया गया। पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण फाइल लिंक कोर्ट में पेश की गई। अंतरिम निषेधाज्ञा की अर्जी पर वादी की ओर से दलील दी गई कि पिलर गिरने की घटना बंदर के कूदने के कारण हुई थी। निगमकर्मी बिना सुनवाई का मौका दिए निर्माण तोड़ने पर आमादा हैं।

ऐसे में बिना यह तय किए हुए कि निर्माण वैध है या अवैध उसे तोड़ा जाता है तो उन्हें नुकसान होगा। नगर निगम की ओर से मामले की फाइल पेश की गई। साथ ही दलील दी गई कि 150 साल पुरानी दुकानों पर बिना अनुमति निर्माण किया जा रहा है। स्ट्रक्चर कमजोर है। ऐसे में जान-माल का नुकसान हो सकता है।

जनसुरक्षा का मामला है। ऐसे में कार्रवाई को नहीं रोका जाए। अतिरिक्त सिविल जज संख्या दो मनीष सिन्हा ने आदेश में लिखा की इंजीनियरों की रिपोर्ट के अनुसार तत्काल नहीं हटाने से नुकसान की आशंका नहीं है। दूसरी ओर निर्माण तोड़ दिया गया तो वादी को नुकसान होगा।

संबंधित कोर्ट में पीठासीन अधिकारी अवकाश पर हैं। ऐसे में निगम मामले पर जवाब पेश करे। अगली सुनवाई चार जनवरी को होगी तब तक दोनों पक्ष यथा स्थिति बनाए रखें।



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