बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा की फटकार के बाद बुधवार को नहरों पर यूपी के किसानों द्वारा अवैध रूप से इंजन पंप लगाकर सिंचाई के लिए चोरी-छिपे ले जाए जा रहे पानी को रोकने के लिए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ पुलिस प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान जल संसाधन अधिकारी यूपी के किसानों के इंजन पंप तो जब्त नहीं कर पाए, लेकिन उन्होंने स्थानीय किसानों के इंजन पंप जरूर ट्रैक्टर ट्रॉली में लाद लिए। इस दौरान प्रशासनिक अमले को गोगली में नहर पर रखे इंजन पंपों को जब्त करने की कार्रवाई के दौरान किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा।
यहां किसानों ने जब्त कर ट्रैक्टर ट्रॉली से ले जाए जा रहे दो इंजन पंपों को जल संसाधन एवं प्रशासनिक अमले से छुड़ा लिया। किसानों ने कार्रवाई के विरोध में जल संसाधन विभाग एवं प्रशासनिक अमले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उत्तर प्रदेश की सीमा में पानी ले जाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए स्थानीय किसानों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर कैंथरी के पूर्व सरपंच सतीश सिंह परमार सहित कई किसानों ने विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को शिकायत की गई।
तब मलिंगा ने जल संसाधन अधिकारियों को स्थानीय किसानों के जब्त किए गए इंजन पंप तुरंत वापस करने और यूपी के किसानों द्वारा बौरेली छार, ढींठपुरा, पत्तीपुरा और कुईया आदि स्थानों पर रखे अवैध इंजन पंपों को जब्त कर पुलिस कार्रवाई के निर्देश दिए।
वहीं पार्वती चेयरमैन अजयकांत शर्मा ने मौके पर पहुंचकर बाड़ी विधायक मलिंगा को बताया कि राजस्थान की ग्राम पंचायत कैथरी के गांव घुघरई, गोगली और डूंगरवाला, फतेह का अड्ढा और मठ को लोग पानी ले रहे हैं। उनको पूरा पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं एक्सईएन ने ग्रामीण प्रेम सिंह लोधा, दीवान सिंह लोधा और शिवचरण अग्रवाल के इंजन जबरन उठवा रहे हैं। जिस पर विधायक मलिंगा के निर्देश पर अफसरों ने ग्रामीणों को इंजन वापस लौटाए।
गलत कार्रवाई से किसानों में नाराजगी
बुधवार को जल संसाधन विभाग सहित पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के दौरान नहर पर रखे क्षेत्र के किसानों के इंजन पंपों को जप्त करने के दौरान कुछ के तोड़फोड़ एवं पाइप काट दिए गए। तोड़फोड़ और नुकसान से आक्रोशित गोगली निवासी किसान राजवीर, महावीर, रामेश्वर, सुरेश, रामवीर, मुन्ना बच्चू, सियाराम, राम खिलाड़ी, जगदीश आदि किसानों ने बताया कि सैंपऊ ब्रांच के पक्के निर्माण के दौरान विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते उपयुक्त और पर्याप्त रूप से सिंचाई के लिए गूल और कुलावे की व्यवस्था नहीं किए जाने से उन्हें हर वर्ष मशक्कत करके खेतों तक पानी ले जाने के लिए इंजन पंप लगाकर सिंचाई का जुगाड़ करना पड़ता है। जबकि विभाग के अधिकारी ऑफिस में बैठकर विभिन्न योजनाओं में आने वाले बजट की राशि का गुणा भाग करने में निकाल देते हैं।
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