मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहे अवैध क्लिनिक, झोलाछाप डॉक्टर कर रहे मरीजों का इलाज, स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़

जिले के सीमावर्ती क्षेत्र के दर्जनों गांवों में झाेलाछाप डॉक्टर, दर्जनों मेडिकल व क्लिनिक अवैध तरीके से संचालित हो रहे है। जो इन गांवों की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है। जिला मुख्यालय से अस्सी किलोमीटर दूर सीमावर्ती गांव ईटादा, मीठे का तला, अब्दुल रहीम का तला, बिजासर, सरुपे का तला, गोहड़ का तला, रबासर, सैयद का तला, इब्रे का तला सहित चौहटन विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गांवों में अवैध क्लिनिक चल रहे है। यहां पर मेडिकल स्टोरों पर ही झोलाछाप डॉक्टर इलाज कर रहे है।

इन गांवों की भोली भाली जनता के बीच ऐसा भ्रम पैदा किया हुआ है कि सरकारी अस्पताल की बजाय यहां पर पहुंचकर महंगे दामों में इलाज करवा रहे है। इनकी वजह से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। लेकिन इसके बावजूद इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। यहां पर स्थानीय सहित बाहरी राज्यों के प्रेक्टिसनर भी दुकानें खोलकर सालों से यहीं जमे हुए है। जब भी इनको कार्रवाई की भनक लगती है। दस पंद्रह दिन के लिए दुकानें बंद करके गायब हो जाते है।

चिकित्सकीय सुविधाओं के अभाव में खुले अवैध क्लिनिक, मरीजों से मोटी फीस के साथ ही हाई डोज की दी जाती दवाइयां

सीमावर्ती गांवों में मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध तरीके प्रेक्टिस भी की जा रही है। लोगों से मोटी फीस वसूलकर झोलाछाप डॉक्टर मेडिकल स्टोर के पीछे अलग से जगह बनाकर मरीजों का इलाज करते है। सामान्य बुखार सहित अन्य बीमारी पर भी हजारों रुपए की दवाइयां दे दी जाती है।

कई बार अज्ञानता के कारण हाई डोज की वजह से तबीयत ज्यादा खराब हो जाती है। इसके बाद परिजन मरीज को लेकर जिला अस्पताल की तरफ भागते है। इन गांवों में अधिकांश मेडिकल स्टोर के साथ अवैध क्लिनिक भी चल रहे है। इनके पास न तो डॉक्टर की योग्यता है और न ही कोई डिग्री। अधिकांश मेडिकल स्टोर संचालक भी दूसरों के नाम से मेडिकल स्टोर संचालित करते है।

आगे मेडिकल स्टोर और पीछे चलता है क्लिनिक

छोटी-मोटी बीमारी होने पर ग्रामीण इन अवैध क्लिनिक संचालकों के पास पहुंचते है। यहां पर बीमारी के लक्षण देखकर पहले उन्हें डराया जाता है और इसके बाद उनके इलाज के लिए जांच कर दवाइयां दी जाती है। मेडिकल स्टोर के पीछे अवैध क्लिनिक खोल रखे है। यहां पर ग्लुकोज चढ़ाते है और इंजेक्शन लगाते है।

कई बार शिकायत की, फिर भी कार्रवाई नहीं
ग्रामीण सुलेमान ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टरों व अवैध प्रेक्टिसनरों के खिलाफ दर्जनों बार ऑनलाइन व ऑफलाइन शिकायतें चिकित्सा विभाग को की। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। रुपयों के लालच में ये लोग आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है। इनको लेकर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है।

^हमारे पास अवैध क्लिनिक व मेडिकल स्टोर्स की शिकायतें प्राप्त हुई है। मैने डीआई को भी इस संबंध में जानकारी दी है। टीमें गठित कर ली है। जल्द ही ऐसे स्थानों पर कार्यवाही की जाएगी और अवैध क्लिनिकों व मेडिकल स्टोरों को सीज कर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
-रामजीवन विश्नोई, बीसीएमएचओ, चौहटन



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