निगम में शहर के 5 प्रमुख बाजार व सड़काें से हर सप्ताह अतिक्रमण व अवराेधक हटाने की कार्रवाई के साथ-साथ मानचित्र के विपरीत बनाई इमारताें के भौतिक सत्यापन करने का आदेश पिछले चार माह से फाइलों में बंद पड़ा है। यह स्थिति तब है जब हाईकोर्ट ट्रैफिक में बाधक अवरोधकों व बिना पार्किंग व अवैध इमारतों को लेकर बार-बार निर्देश देकर पालना रिपोर्ट मांग रहा है। निगम हर बार कोई नया बहाना कर समय मांग लेता है, लेकिन इसको रोकने का कोई ठोस सिस्टम बनाने में रुचि नहीं दिखा पा रहा है।
उत्तर व दक्षिण महापौर ने पहली ही बैठक में दिए थे निर्देश
उत्तर व दक्षिण निगम महापौर ने भी पहली बोर्ड बैठक में ही इस मसले पर गंभीर चर्चा कर संबंधित आयुक्त को निर्देश दिए थे। इसी बीच, हाईकोर्ट में अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने पीली टंकी के समीप फुटपाथ पर बन रहे मंदिर निर्माण के मामले पर फटकार लगाते हुए एक साल पहले दिए निर्देश की पालना नहीं करने पर आयुक्त के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की हिदायत भी दी थी।
ट्रैफिक साइन बोर्ड भी नहीं लगे
हाईकोर्ट में रवि लाेढ़ा बनाम स्टेट में अवमानना याचिका में दिए गए निर्देश की पालना सुनिश्चित करने को लेकर निगम ने एक टीम से पुलिस उपायुक्त द्वारा चिह्नित स्थलाें पर ट्रैफिक साइन बाेर्ड लगाने का ऐलान किया था, लेकिन 4 माह बीतने के बावजूद ना साइन बोर्ड लगवाए और ना ही ऐसे स्थलों के चयन का काम ही हो पाया।
चार माह पूर्व तत्कालीन निगम आयुक्त (उत्तर-दक्षिण) की ओर से जारी आदेश में जिन अतिक्रमण प्रभारियों को हर सप्ताह अवैध निर्माण, अतिक्रमण व अवराेधक हटाने की जिम्मेदारी दी थी, उनमें से अधिकांश एपीओ है या उन्हें दूसरी शाखा में लगाया जा चुका है। यहां तक की डीओ बाबू भी बदल चुके हैं।
ऐसी कारगर व्यवस्था का दावा किया गया था
- चार माह पूर्व निकाले आदेश में तीनाें जाेन के बाबूओं को भवन निर्माण की पत्रावलियाें काे सूचीबद्ध कर संबंधित वार्ड के जेईएन काे सुपुर्द करने को कहा था। जेईएन काे वर्ष 2020-21 का भाैतिक सत्यापन इसी सप्ताह में करने काे कहा गया, लेकिन अभी तक संबंधित जेईएन काे इसकी जानकारी नहीं हैं।
- भवन निर्माण शाखा के बाबू को 2019-20 की सूची एक सप्ताह में तैयार कर देने के बाद जेईएन को अगले सप्ताह में इसका भाैतिक सत्यापन करना था। इसके पश्चात बाबू दूसरे सप्ताह में वर्ष 2018-19 की सूची तैयार करता, तत्पश्चात तीसरे सप्ताह में जेईएन इस वर्ष में जारी भवन निर्माण की स्वीकृतियाें का भाैतिक सत्यापन करता। इसी प्रकार एक्सईएन अपने जाेन में पुलिस उपायुक्त द्वारा चिह्नित स्थलाें पर ट्रैफिक साइन बाेर्ड लगाने का काम करेंगे।
अवरोधकों को हटाने के निर्देश दिए थे
- दक्षिण निगम बोर्ड ने तो अपनी पहली बैठक में हाईकोर्ट के आदेशों की मंशा अनुसार अवैध निर्माण के साथ-साथ ट्रैफिक के अवरोधकों को हटाने के आयुक्त को निर्देश दिए थे। - वनिता सेठ महापौर (दक्षिण) नगर निगम
निगम की दिखावटी कार्रवाई - एक गाड़ी सामान जब्त
भास्कर की खबर के बाद निगम प्रशासन ने शहर की मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर एक ट्रैक्टर सामान जब्त किया है। निगम दस्ते ने सोमवार को पहला पुलिया, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड से सिंघवी टॉवर, आखलिया चौराहा तक अभियान चलाया। इस दौरान दुकानों के बाहर सामान रखने वालों का सामान सीज किया। तोमर ने बताया कि बार-बार दुकानदारों को हिदायत देने के बावजूद भी दुकानदार दुकानों के बाहर सामान रखकर अतिक्रमण कर लेते हैं।
वहीं कई जगहों पर अस्थाई ढांचा बनाकर अतिक्रमण करने वालों पर भी कार्रवाई करते हुए होर्डिंग बोर्ड, साइन बोर्ड, केबिन व अन्य सामान जब्त किया गया। वहीं नगर निगम दक्षिण की टीम ने भैरूजी चौराहे से झालामंड तक और झालामंड से भैरूजी चौराहे तक अभियान चलाया। हालांकि उत्तर व दक्षिण निगम दस्ते की कार्रवाई पूरी तरह दिखावा ही रही।
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