अब विद्यार्थियों को क्रमोन्नत करके भेजी जाएगी निशुल्क किताबों के लिए डिमांड

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं दी जाने वाले निशुल्क किताबों की मांग को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सत्र 2021-22 के लिए मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिले के सभी संस्था प्रधानों को दिशा निर्देश जारी किए।
हर साल स्कूलों में कुछ कक्षाओं में किताबों की कमी होने एवं किसी कक्षा में किताबें बच जाने की शिकायतों को लेकर दिशा निर्देश जारी किए। शिक्षा अधिकारियों के मुताबिक कक्षा 3 से 10 एवं कक्षा 12 की निशुल्क किताबों की मांग पिछली कक्षा के नामांकन को आधार मानकर अगली कक्षा की मांग का निर्धारण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यदि शैक्षिक सत्र 2020-21 में कक्षा 4 का नामांकन 110 हो तो आगामी शैक्षिक सत्र 2021-22 में कक्षा 5 के लिए निशुल्क किताबों की मांग 110 जनरेट होगी। ब्लॉक स्तर नोडल पर सभी नोडल की समेकित मांग में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी करते हुए लॉक का विकल्प उपलब्ध करवाया है। कक्षा पहली से तीसरी तक के सभी विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत नई निशुल्क किताबें पुस्तकें मिलेगी।

नोडल व्यवस्था में नहीं होगा बदलाव
पाठ्यपुस्तक के लिए नोडल व्यवस्था गत साल की तरह ही रहेंगी, जिस नोडल विद्यालय के माध्यम से अधीनस्थ विद्यालयों के लिए निशुल्क पुस्तकों की मांग की जाएगी। उन विद्यालयों को वितरण भी उसी नोडल विद्यालय के माध्यम से किया जाएगा।



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