संक्रमित मरीजों की किडनी फेल हो रही है, हीमो और पेरिटोनियल डायलिसिस करना पड़ रहा है

(सुरेन्द्र स्वामी). कोरोना संक्रमित मरीजों के फेफड़े, दिल-दिमाग, जबड़ों के बाद किडनी पर भी असर डाल रहा है। सबसे बड़े कोविड अस्पताल आरयूएचएस में ऐसे संक्रमित मरीज आ रहे है, जिनमें निमोनिया के बाद किडनी फेल्योर, गुर्दे में तकलीफ के बाद डायलिसिस करना पड़ रहा है।

कुछ ऐसे भी मरीज है जिनके फेफड़ों के अलावा कोरोना वायरस के कारण किडनी को कमजोर बना रहा है। जिन मरीजों का क्रिएटिनिन का लेवल 3 से 4 मिलीग्राम था। कोविड होने के बाद लेवल 6 से 8 मिलीग्राम हो गया। और डायलिसिस कराना पड़ा। आरयूएचएस में अब तक 275 हीमोडायलिसिस तथा 55 को पेरिटोनियल डायलिसिस कराना पड़ा। अधिकतर किडनी फेल्योर मरीजों में निमोनिया के साथ-साथ डायबिटिज के साथ-साथ हाइपरटेंशन भी मिला।

किडनी पर असर

डॉक्टरों के अनुसार अगर कोविड-19 से प्रभावित मरीज को निमोनिया भी है और उसे वेंटिलेटर पर ले जाया जाता है तो उसके किडनी को भी नुकसान हो सकता है. यहां तक की उसकी किडनी काम करना बंद भी कर सकती है. निमोनिया की वजह से फेफड़ों में बड़ी मात्रा में द्रव इकट्ठा होने लगता है. इस द्रव को हटाने के लिए मरीज को दवाएं दी जाती हैं. इन दवाओं से किडनी में होने वाली खून की सप्लाई प्रभावित होती है जो किडनी पर असर डालती है।
4 तरह के बीमार, जिन्हें किडनी में समस्या हुई और 10% मरीजों ने दम तोड़ दिया

1.अस्पताल में आने वाले 75 फीसदी मरीज ऐसे थे, जिन्हें पहले से ही लंबे समय से किडनी की बीमारी थी। जिनका डायलिसिस करना पड़ा। इनमें से 10 फीसदी मरीजों की इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
2.ट्रांसप्लांट वाले मरीज कोविड से ग्रसित होने पर एक्यूट किडनी इंजरी हुई, यानी किडनी में खून का प्रवाह बाधित हो गया। ऐसे मरीजों को इम्यूनो सप्रेशन भी कम करना पड़ा।
3. जिन मरीजों के गुर्दे कम काम कर रहे थे, उनकी जीएफआर कम होने पर कोरोना की दवा की मात्रा निर्धारित करके दी जाती है। किडनी फेल्योर मरीजों में डायबिटीज भी कॉमन है। ऐसे में दो रिस्क फेल्योर की वजह से मृत्युदर भी ज्यादा होती है।
4.संक्रमित के बाद 20% को किडनी में खून का प्रवाह सही तरीके से नहीं होने की शिकायत हुई। ऐसे मरीज मल्टी ऑर्गन फेल्योर में चले गए। निमोनिया से मृत्यु दर अधिक रही है।

भास्कर एक्सपर्ट पैनल

एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.सुधीर भंडारी, सीनियर प्रोफेसर डॉ.धनन्जय अग्रवाल, डॉ.विनय मल्होत्रा, आरयूएचएस कोविड प्रभारी डॉ.अजीत सिंह।



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Kidney failure of infected patients, hemo and peritoneal dialysis.


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